असम सीएम ने धुबरी में उपद्रवियों को देखते ही गोली मारने के दिए आदेश, जानिए क्यों फैला है तनाव?
नई दिल्ली। असम के धुबरी जिले में सांप्रदायिक तनाव के चलते हालात असामान्य बने हुए हैं। यहां तक कि सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने आदेश दिया है उपद्रवियों को देखते ही गोली मार दी जाए। हालांकि शूट एट साइट का यह ऑर्डर सिर्फ रात के लिए है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि एक विशेष वर्ग हमारे मंदिरों को क्षति पहुंचाने के लिए सक्रिय हो चुका है और सरकार ऐसा होने नहीं देगी।
दरअसल बकरीद के बाद धुबरी में एक हनुमान मंदिर के बाहर गाय का कटा सिर मिला था। इसके अगले दिन फिर ऐसा ही हुआ जिसके चलते वहां तनाव बढ़ गया। रात के समय पत्थरबाजी भी हुई। सीएम ने कल ही धुबरी जिले का दौरा किया और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। इस मामले में अब तक 38 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि बकरीद से एक दिन पहले ‘नबीन बांग्ला’ नाम के संगठन ने धुबरी को बांग्लादेश में शामिल करने के भड़काऊ पोस्टर लगाए थे। सीएम ने आगे कहा कि पहले भी बकरीद में कुछ लोग यहां पर गोमांस का सेवन करते थे। लेकिन इस बार यहां पर पश्चिम बंगाल से बड़ी संख्या में जानवरों को लाया गया और धुबरी में एक नया गोमांस माफिया बनकर उभरा है जिसने बकरीद से पहले बड़ी संख्या में मवेशी खरीदे। सीएम ने बताया कि इस मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
साथ जिले में रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) और सीआरपीएफ के जवानों की तैनाती की जाएगी और हिंसा भड़काने का प्रयास करने वाले सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। मुख्यमंत्री ने इसको लेकर सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, मैं आज धुबरी में हालात का जायज़ा लेने गया था, और अगर आवश्यकता पड़ी तो मैं फिर से वहां जाऊंगा। मैंने धुबरी के सभी लोगों को आश्वस्त किया है कि किसी को भी डरकर जीने की जरूरत नहीं है। असम सरकार हर हाल में आप लोगों के साथ है।
