ईरान पर अमेरिका के हमले के बाद घिरा पाकिस्तान, डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए किया था नामित
नई दिल्ली। अमेरिका के द्वारा ईरान के परमाणु ठिकानों पर किए गए हमलों के बाद अब पाकिस्तान लोगों के निशाने पर आ गया है। दरअसल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को पाकिस्तान ने नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित किया है जिसको लेकर पाक नागिरकों ने ही अपनी सरकार पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि एक तरफ तो पाकिस्तान सरकार ट्रंप को नोबेल शांति के लिए नामित कर रही है और अमेरिका ईरान पर बम बरसा रहा है। पाकिस्तान की पूर्व राजनयिक और संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान की पूर्व प्रतिनिधि मलीहा लोधी का कहना है कि डोनाल्ड ट्रंप ने नोबेल पुरस्कार मांगा है जबकि उनको माफी मांगनी चाहिए।
वहीं पाकिस्तान के प्रख्यात लेखक जाहिद हुसैन ने भी इस मामले में प्रतिक्रिया देते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, पाकिस्तान सरकार ने ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित किया लेकिन उन्होंने दुनिया को एक नई बर्बादी के मुहाने पर ला दिया। पाकिस्तानी सांसद साहिबजादा हामिद रजा ने शहबाज शरीफ सरकार और सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर को निशाने पर लेते हुए कहा कि पूरी दुनिया कह रही है कि आप अपने एयरबेस और समुद्री क्षेत्र को ईरान के खिलाफ अमेरिका को सौंपने वाले हो। पाकिस्तान का एयरबेस और समुद्री सीमा किसी के बाप की जागीर नहीं है। आपकी संपत्ति को लंदन से लेकर दुबई तक है आप वहां भाग जाओगे।
उन्होंने मांग करते हुए कहा कि इस बात को पाकिस्तान सरकार और सेना को खारिज करना चाहिए कि वो अपना एयरबेस और समंदर अमेरिका के हवाले करने वाला है। इसके साथ ही उन्होंने ईरान का पक्ष लेते हुए कहा कि आलम-ए-इस्लाम तो ईरान के साथ खड़ा है। रजा ने इमरान खान के इस मामले में स्टैंड को लेकर कहा कि उनका साफ कहना है कि इजरायल का वजूद स्वीकार नहीं, अगर ईरान से बच गए तो पाकिस्तान उसे मिटाएगा। उधर, पाकिस्तान ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले के लिए अमेरिका की निंदा की है और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है।
