छांगुर बाबा धर्मांतरण के लिए कोड वर्ड में करता था बात, एटीएस की पूछताछ में हुआ खुलासा
नई दिल्ली। धर्मांतरण गिरोह के सरगना जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा को लेकर रोज नई-नई जानकारियां सामने आ रही हैं। अब उसके बारे एक और बात जो पता चली है वो यह है कि वो धर्मांतरण के काम के लिए कोड वर्ड का इस्तेमाल करता था ताकि किसी को शक न हो। अलग-अलग शब्दों के लिए उसने अलग कोड वर्ड बना रखे थे। धर्मांतरण को ‘मिट्टी पलटना’, लड़कियों को ‘प्रोजेक्ट’, ब्रेन वॉश के लिए ‘काजल करना’ और बाबा से मिलवाने के लिए ‘दीदार’ जैसे शब्दों का यूज किया जाता है। छांगुर बाबा से यूपी एटीएस की पूछताछ में इस बात का खुलासा हुआ है।
छांगुर बाबा के बारे में यह भी जानकारी मिली है कि नेपाल की सीमा के पास संचालित हो रहे अवैध मदरसों में भी उसकी संलिप्तता हो सकती है। वह मुस्लिम युवकों को पैसे देता था ताकि वो हिंदू लड़कियों को अपने जाल में फंसाकर धर्मांतरण के लिए राजी करें। ब्राह्मण, क्षत्रिय अलग अलग जातियों की लड़कियों के धर्मांतरण के रेट भी फिक्स थे। इस काम के लिए छांगुर बाबा को अच्छी खासी विदेशी फंडिंग हो रही थी। विदेशी फंडिंग के जरिए छांगुर बाबा ने अवैध धर्मांतरण का पूरा सिंडिकेट तैयार कर दिया था। छांगुर बाबा उसकी प्रमुख सहयोगी नीतू उर्फ नसरीन और नवीन उर्फ जमालुद्दीन ने कई फर्जी संस्थाएं बनाईं और इनके खातों में विदेशों से पैसा मंगाया। एटीएस विदेश से आने वाले पैसों के विषय में पड़ताल कर रही है।
नीतू उर्फ नसरीन छांगुर बाबा की सबसे विश्वासपात्र मानी जा रही है। इससे पहले यह जानकारी भी सामने आई है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए छांगुर बाबा लखनऊ के एक होटल में 40 दिन तक छुपा रहा था। इस दौरान नीतू भी साथ थी। एटीएस छांगुर बाबा को एक दिन पहले ही यूपी के बलरामपुर स्थित उसकी कोठी पर पड़ताल के लिए ले गए थे। इस कोठी को हाल ही में बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया गया है। यह कोठी भी नीतू के नाम पर थी।
