हिंदी बनाम मराठी का मामला : महाराष्ट्र में हिंदी बोलने वालों की पिटाई का मामला बॉम्बे हाईकोर्ट पहुंचा
मुंबई। हिंदी बनाम मराठी का मामला शांत होता नहीं दिख रहा। अब घनश्याम उपाध्याय नाम के वकील की तरफ से एमएनएस सुप्रीमो राज ठाकरे के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई है। जनहित याचिका में राज ठाकरे और एमएनएस कार्यकर्ताओं पर हिंदी भाषियों के खिलाफ हिंसा भड़काने का आरोप लगाया गया है। याचिका में ये भी कहा गया है कि राज ठाकरे और उनकी पार्टी के लोग भाषा के आधार पर घृणा फैला रहे हैं। बॉम्बे हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में इसके लिए राज ठाकरे और एमएनएस कार्यकर्ताओं पर केस दर्ज करने की मांग की गई है।
राज ठाकरे ने इससे पहले शुक्रवार को एक जनसभा में महाराष्ट्र की देवेंद्र फडणवीस सरकार को धमकी दी थी कि अगर पहली से पांचवीं क्लास तक हिंदी लागू की गई, तो वो स्कूलों को बंद करवाने से पीछे नहीं हटेंगे। राज ठाकरे ने यहां महाराष्ट्र की जनता से भी कहा कि वे सतर्क रहें और महाराष्ट्र सरकार की ओर से हिंदी थोपे जाने की किसी भी कोशिश को विफल करें। एमएनएस सुप्रीमो राज ठाकरे ने कहा कि पहले जब हिंदी थोपने की कोशिश की गई, तो हमने दुकानें बंद कराई थीं। फिर ऐसी ही कोशिश हुई, तो स्कूलों को बंद करने से नहीं हिचकिचाएंगे। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण है कि महाराष्ट्र के सीएम हिंदी को अनिवार्य करने की कोशिश कर रहे हैं।
इससे पहले जब राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे ने हिंदी बनाम मराठी के विवाद को तूल दिया था, तो महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने प्राथमिक स्कूलों में हिंदी भाषा जरूरी करने के आदेश वापस ले लिए थे। सीएम फडणवीस ने इससे पहले कहा था कि महाराष्ट्र सरकार त्रिभाषा फॉर्मूले को जरूर लागू करेगी। उन्होंने कहा था कि इस बारे में गठित समिति तय करेगी कि हिंदी को पहली कक्षा से पढ़ाया जाए या पांचवीं कक्षा से स्कूलों में इसे जरूरी किया जाए। सीएम देवेंद्र फडणवीस के इसी बयान पर राज ठाकरे ने स्कूलों को बंद कराने की धमकी दी है। बता दें कि महाराष्ट्र के अलावा कर्नाटक और तमिलनाडु में भी हिंदी बनाम स्थानीय भाषा का विवाद हो चुका है।
