April 24, 2026

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‘राहुल गांधी अपरिपक्वता दिखाते हैं’, आरएसएस से कथित तुलना वाले बयान के कारण कांग्रेस सांसद पर भड़के वामदल

नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी के बयान से वामदल नाराज हैं। राहुल गांधी ने वामदलों के सबसे बड़े घटक सीपीएम और आरएसएस के बारे में बयान दिया था। राहुल गांधी की ओर से कथित तौर पर सीपीएम और आरएसएस की तुलना किए जाने पर सीपीआई के सांसद पी. संदोष कुमार ने कहा है कि विपक्षी गठबंधन का नेता होने के नाते राहुल गांधी को कुछ परिपक्वता दिखानी चाहिए। उन्होंने कहा कि कोई भी समझदार व्यक्ति वामपंथी दलों की तुलना आरएसएस से नहीं कर सकता। सीपीआई सांसद ने कहा कि जब भी राहुल गांधी बोलते हैं, तो अपरिपक्वता दिखाते हैं। इस तरह इंडी अलायंस कैसे चला सकते हैं? पी. संदोष कुमार ने कहा कि कांग्रेस को भी गंभीरता से विचार करना चाहिए। सुनिए उन्होंने राहुल गांधी के बारे में और क्या कहा।

इससे पहले सीपीएम के महासचिव एमए बेबी ने भी राहुल गांधी पर निशाना साधा था। सीपीएम नेता ने कहा था कि राहुल गांधी का बयान समझ की कमी दिखाता है। उन्होंने राहुल गांधी को याद भी दिलाया था कि साल 2004 में वामदलों के समर्थन के बगैर कांग्रेस की सरकार नहीं बनती। सीपीएम महासचिव एमए बेबी ने कहा था कि केरल के बारे में राहुल गांधी का बयान दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि मुझे नहीं पता कि राहुल को क्या ये जानकारी है कि केरल में आरएसएस से लड़ाई में कांग्रेस का रिकॉर्ड क्या है। वामदलों की नाराजगी इस वजह से है, क्योंकि राहुल गांधी ने शुक्रवार को केरल के कोट्टायम में कहा था कि वो आरएसएस और सीपीएम से वैचारिक तौर पर लड़ते हैं। उसकी सबसे बड़ी शिकायत ये है कि सीपीएम और आरएसएस में लोगों के प्रति संवेदना की कमी है। सुनिए राहुल गांधी ने क्या कहा था।

राहुल गांधी लोकसभा में नेता विपक्ष होने के नाते वामदलों समेत सभी सरकार विरोधी पार्टियों का नेतृत्व करते हैं। इसके अलावा बिहार विधानसभा के चुनाव भी दो महीने बाद होने वाले हैं। बिहार में विपक्ष के महागठबंधन में कांग्रेस के अलावा वामदल भी हैं। इंडी गठबंधन में भी वामदल शामिल हैं। वहीं, संसद का मॉनसून सत्र भी होने जा रहा है। जहां राहुल गांधी सरकार को घेरेंगे। ऐसे में वामदलों की नाराजगी अगर बरकरार रहती है, तो इससे संसद से लेकर बिहार तक कांग्रेस के लिए एक ना चाहने वाली स्थिति पैदा हो सकती है। खास बात है कि राहुल गांधी पहले भी अपने बयानों की वजह से विवादों में आ चुके हैं। इस बार अपने ही सहयोगी वामदलों के बारे में उनकी जुबान से निकले शब्द बैकफायर कर गए हैं।

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