सिखों के बारे में दिए बयान पर राहुल गांधी की मुश्किल बढ़ने के आसार, वाराणसी की अदालत ने मजिस्ट्रेट कोर्ट को दिया ये आदेश
वाराणसी। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी का कोर्ट-कचहरी से नाता टूटता नहीं दिख रहा। वाराणसी के अतिरिक्त जिला और सत्र कोर्ट ने राहुल गांधी के बारे में मजिस्ट्रेट कोर्ट के फैसले को खारिज कर दिया है। सिखों के बारे में राहुल गांधी के बयान के खिलाफ वाराणसी के मजिस्ट्रेट कोर्ट में याचिका देकर एफआईआर की मांग की गई थी। जिसे मजिस्ट्रेट कोर्ट ने खारिज किया था। अब वाराणसी के अतिरिक्त जिला और सत्र जज यजुवेंद्र विक्रम सिंह ने मजिस्ट्रेट कोर्ट से कहा है कि वो सुप्रीम कोर्ट के पहले दिए फैसलों के आलोक में राहुल गांधी के खिलाफ याचिका पर फिर से विचार करे। इससे राहुल गांधी की मुश्किल बढ़ने के आसार हैं।
नागेश्वर मिश्रा ने राहुल गांधी के खिलाफ मजिस्ट्रेट कोर्ट में 2024 में याचिका दी थी। नागेश्वर मिश्रा ने अपनी याचिका में कहा था कि राहुल गांधी ने अमेरिका में सिखों के बारे में विवादित बयान दिया। याचिकाकर्ता का कहना है कि राहुल गांधी ने अमेरिका में कहा कि भारत में सिख समुदाय को असुरक्षा की भावना है। याचिका में कहा गया कि ये बयान भड़काऊ है। राहुल गांधी ने अपने राजनीतिक लाभ के लिए लोगों को भड़काने के इरादे से ये बयान दिया है। याचिकाकर्ता का कहना है कि राहुल गांधी ने 14 दिसंबर 2019 को दिल्ली के रामलीला मैदान में हुई रैली में भी इसी तरह का प्रोपागेंडा चलाया। इसके बाद दिल्ली के शाहीन बाग में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन और बाद में हिंसा की घटनाएं हुईं।
नागेश्वर मिश्रा की राहुल गांधी के खिलाफ याचिका को मजिस्ट्रेट कोर्ट ने ये कहते हुए खारिज किया था कि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 208 के तहत भारत के बाहर किए गए अपराध का संज्ञान लेकर कार्रवाई करने के लिए केंद्र सरकार की मंजूरी की जरूरत होती है। इसके बाद याचिकाकर्ता ने सेशन कोर्ट में अपील की थी। अब राहुल गांधी के खिलाफ केस दर्ज होने के आसार दिख रहे हैं। क्योंकि वाराणसी के जिला और सत्र न्यायाधीश ने अपने आदेश में कहा है कि केंद्र सरकार से तभी मंजूरी चाहिए, जबकि चार्जशीट दाखिल हो चुकी हो और उस पर कोर्ट संज्ञान लेने वाला हो।
