दिल्ली वक्फ बोर्ड में नियुक्तियां करने के मामले में अमानतुल्लाह खान की बढ़ेगी मुश्किल!, सीबीआई कोर्ट ने किया ये फैसला
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री और आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्लाह खान की मुश्किल बढ़ती दिख रही है। दिल्ली के राउज एवेन्यू स्थित सीबीआई के विशेष कोर्ट ने दिल्ली वक्फ बोर्ड में नियुक्तियों में गड़बड़ी के मामले में अमानतुल्लाह खान और 10 अन्य के खिलाफ आरोप तय किए हैं। अब इस मामले में नियमित सुनवाई शुरू होगी। दिल्ली वक्फ बोर्ड में नियुक्तियों में गड़बड़ी के मामले की सीबीआई ने जांच कर 31 अगस्त 2022 को चार्जशीट दाखिल की थी।
राउज एवेन्यू कोर्ट ने अमानतुल्लाह खान पर आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार निरोधक एक्ट की धारा 13 के तहत आरोप तय किए हैं। अमानतुल्लाह खान दिल्ली की ओखला सीट से विधायक हैं। वो अरविंद केजरीवाल की सरकार में अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री थे। वक्फ बोर्ड को भी उनका ही विभाग देखता था।
सीबीआई ने दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में दाखिल चार्जशीट में कहा है कि दिल्ली वक्फ बोर्ड का चेयरमैन रहते अमानतुल्लाह खान ने 2016 से 2021 के बीच अवैध तरीके से नियुक्तियां की। सीबीआई ने चार्जशीट में आरोप लगाया है कि अमानतुल्लाह खान के कार्यकाल में दिल्ली वक्फ बोर्ड की इन नियुक्तियों के लिए न विज्ञापन दिया गया और न ही पात्रता की शर्तें तय की गईं।
दिल्ली वक्फ बोर्ड के नौकरी घोटाला में आम आदमी पार्टी विधायक अमानतुल्लाह खान समेत 11 लोगों को सीबीआई ने आरोपी बनाया है। आरोपियों में दिल्ली वक्फ बोर्ड के कर्मचारी और वहां नौकरी पाने वाले भी शामिल हैं। सीबीआई ने चार्जशीट में कहा है कि दिल्ली वक्फ बोर्ड में पहले से रची गई साजिश के तहत भर्तियां की गईं। वक्फ बोर्ड में नियुक्तियां करने में सरकारी पद का दुरुपयोग होने का भी जांच एजेंसी ने आरोप लगाया है।
सीबीआई का दावा है कि उसने जांच में पाया कि अमानतुल्लाह खान ने अपने पद का फायदा उठाया और नियमों को ताक पर रखकर अपने चहीते लोगों को दिल्ली वक्फ बोर्ड में नौकरी दी। वहीं, अमानतुल्लाह खान पहले कई बार कह चुके हैं कि दिल्ली वक्फ बोर्ड में नौकरियां देने के मामले में उन्होंने कोई गड़बड़ी नहीं की। इस मामले में ईडी ने भी मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों के तहत जांच की थी।
