क्या होती है ओपन बुक परीक्षा?, सीबीएसई ने 9वीं के छात्रों को दी है ये सुविधा
नई दिल्ली। सीबीएसई के स्कूलों में 2026-2027 से 9वीं कक्षा के छात्र ओपन बुक एक्जाम देंगे। सीबीएसई ने ये अभिनव फैसला किया है। सीबीएसई के मुताबिक जून में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई थी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत सीबीएसई ने 9वीं कक्षा में ओपन बुक परीक्षा कराने का फैसला किया है। ये व्यवस्था छात्र को रटने की जगह समझ बढ़ाने के लिए की गई है। सीबीएसई के मुताबिक ओपन बुक परीक्षा के तहत 9वीं कक्षा के छात्र इम्तिहान के वक्त किताब या नोट्स को देख सकेंगे। हालांकि, उनको अपनी समझ के हिसाब से ही उत्तर लिखने की जरूरत पड़ेगी। ओपन बुक एक्जाम देने वाले छात्रों को अपना प्रश्नपत्र तय समय पर ही हल करना होगा।
सीबीएसई के अनुसार 9वीं कक्षा में छात्र गणि, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और भाषा की परीक्षा में किताब और नोट्स साथ ले जा सकेंगे। प्रश्नपत्र में दिए सवालों में से अगर छात्र को कुछ समझ नहीं आया, तो वो किताब और नोट्स से इसे देखकर समझ सकेगा। ओपन बुक एक्जाम आंतरिक मूल्यांकन का हिस्सा होंगे। इस तरह परीक्षा लेने से नकल भी बंद हो जाएगी। क्योंकि इम्तिहान देते वक्त छात्र के पास संबंधित विषय की किताब और नोट्स होंगे। सीबीएसई ने ओपन बुक वाली पायलट परीक्षा कराई थी। जिसमें शामिल हुए छात्रों के 12 से 47 फीसदी के बीच अंक आए थे।
सीबीएसई ने पहले ही 10वीं की बोर्ड परीक्षा को भी साल में दो बार कराने का फैसला किया था। अब हर साल दो बार 10वीं की बोर्ड परीक्षा होगी। इससे छात्रों को एक या दो विषयों में अंक सुधारने का मौका मिलेगा। हालांकि, सीबीएसई ने ये तय किया है कि अगर 10वीं के किसी छात्र ने 3 या उससे ज्यादा विषयों की परीक्षा नहीं दी होगी, तो उसे उसी साल होने वाली दूसरी बोर्ड परीक्षा में नहीं बैठने दिया जाएगा। इस तरह सीबीएसई ने 9वीं और 10वीं कक्षा के छात्रों को बड़ी सुविधा दी है। माना जा रहा है कि ओपन बुक परीक्षा सफल होने पर सीबीएसई इसे और भी कक्षाओं के लिए लागू कर सकता है।
