शेयर में निवेश करते हैं तो ध्यान दें, भारत सरकार एलआईसी और 5 बैंकों में अपनी हिस्सेदारी बेचेगी
नई दिल्ली। अगर आप शेयर बाजार में निवेश करते हैं, तो इस खबर को ध्यान से पढ़ लीजिए। जानकारी के मुताबिक भारत सरकार जीवन बीमा निगम यानी एलआईसी और सार्वजनिक क्षेत्र के 5 बैंकों में अपने शेयर का बड़ा हिस्सा यानी हिस्सेदारी बेचने वाली है। सेबी के नियम के तहत सरकार एलआईसी और 5 बैंकों में अपना शेयर बेचेगी। एलआईसी और इन बैंकों में सरकार की 90 फीसदी से ज्यादा हिस्सेदारी है। जबकि, सेबी का नियम कहता है कि लिस्टेड कंपनियों में प्रमोटर्स का शेयर 75 फीसदी से ज्यादा नहीं हो सकता।
भारत सरकार ने 5.66 लाख करोड़ मार्केट कैप वाले एलआईसी में पहले 3.5 फीसदी शेयर बेचा था। इसके बाद भी भारत सरकार के पास एलआईसी में 96.5 फीसदी हिस्सेदारी है। एलआईसी में सरकार को अब बाकी शेयर 2027 तक बेचने होंगे। सरकार की ओर से एलआईसी के शेयर बेचने के साथ ही जीवन बीमा निगम को पब्लिक शेयर होल्डिंग को कम से कम 10 फीसदी करना होगा। एलआईसी के अलावा सरकार को यूको बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में भी अपने शेयरहोल्डिंग को घटाकर 75 फीसदी पर लाना होगा।
फिलहाल यूको बैंक में भारत सरकार का 90.95 फीसदी, पंजाब एंड सिंध बैंक में 93.85 फीसदी, इंडियन ओवरसीज बैंक में 94.61 फीसदी, बैंक ऑफ महाराष्ट्र में 79.60 फीसदी और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में 89.27 फीसदी शेयर होल्डिंग है। इन सभी बैंकों ने इस साल जून तक की तिमाही में 44 हजार करोड़ से ज्यादा मुनाफा कमाया। जो पिछले साल के मुनाफे से 11 फीसदी ज्यादा है। ऐसे में इन बैंकों में शेयर बेचकर भारत सरकार को निवेशकों से अच्छा खासा पैसा मिल सकता है। माना जा रहा है कि इस साल या अगले साल की शुरुआत में इन पांचों बैंकों में भारत सरकार अपने शेयर होल्डिंग को कम कर सकती है। एलआईसी में शेयर होल्डिंग कम करने के लिए भारत सरकार के पास अभी दो साल से ज्यादा का वक्त है।
