बी. सुदर्शन रेड्डी को विपक्ष ने घोषित किया उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार
नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए विपक्ष के इंडिया गठबंधन ने भी अपने उम्मीदवार के नाम का ऐलान कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज बी. सुदर्शन रेड्डी को विपक्ष ने अपना उपराष्ट्रपति उम्मीदवार घोषित किया है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने रेड्डी के नाम की घोषणा की। खड़गे ने बताया कि सभी विपक्षी दलों की सहमति के बाद रेड्डी को उपराष्ट्रपति चुनाव में उतारने का फैसला किया गया। इस तरह से अब उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के उम्मीदवारों का नाम फाइनल हो चुका है। एनडीए ने महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को अपना उम्मीदवार बनाया है।
बी. सुदर्शन रेड्डी का जन्म 8 जुलाई 1946 को आंध्र प्रदेश के रंगा रेड्डी जिले के अकुला मायलारम गांव में एक कृषक परिवार में हुआ था। उनकी शुरुआती शिक्षा आंध्र प्रदेश में ही हुई। बाद में उन्होंने हैदराबाद की उस्मानिया यूनिवर्सिटी से साल 1971 में वकालत की डिग्री पास की। इसके बाद वो वकालत की प्रैक्टिस करने लगे। रेड्डी को अगस्त 1998 में आंध्र हाईकोर्ट में बतौर सरकारी वकील नियुक्ति मिली। रेड्डी अपने करियर में आगे बढ़ते 1993 में आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष चुने गए। इसके अलावा वो उस्मानिया यूनिवर्सिटी के कानूनी सलाहकार भी रह चुके हैं। केंद्र सरकार के एडिशनल स्टैंडिंग काउंसल की जिम्मेदारी भी वो संभाल चुके हैं।
सुदर्शन रेड्डी को 2 मई 1993 को आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के एडिशनल जज के पद पर नियुक्त किया गया। इसके बाद 5 दिसंबर 2005 में उन्हें गुवाहाटी हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाया गया। रेड्डी को 12 जनवरी 2007 को सुप्रीम कोर्ट के एडिशनल जज के रूप में नियुक्ति मिली और यहीं से वो जुलाई 2011 को सेवानिवृत्त हुए। सुदर्शन रेड्डी सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के पद से रिटायह होने के बाद गोवा के पहले लोकायुक्त के तौर पर भी जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। मार्च 2013 में उनको गोवा के पहले लोकायुक्त के रूप में नियुक्त किया गया था, हालांकि कार्यकाल पूरा किए बिना ही अक्टूबर 2013 में उन्होंने रिजाइन कर दिया था।
