मानसून सत्र के अंतिम दिन भी लोकसभा में विपक्ष का हंगामा, कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित
नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के आखिरी दिन आज भी विपक्षी सांसदों के हंगामे के चलते लोकसभा नहीं चल सकी। सदन हंगामे की भेंट चढ़ गया और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने लोकसभा की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया। सत्र के पहले दिन से ही लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष के सांसद बिहार में मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध समेत कुछ अन्य मुद्दों पर हंगामा करते रहे। विपक्षी गतिरोध के कारण पूरे मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में सिर्फ 37 घंटे ही चर्चा हो पाई जबकि सत्र की शुरुआत से सत्ता पक्ष के साथ विपक्ष ने तय किया था कि कुल 120 घंटे चर्चा की जाएगी।
एक तरह से देखा जाए तो मानसून सत्र के दौरान बीती 28 और 29 जुलाई को लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर ही प्रमुख रूप से चर्चा हो सकी जिसमें विपक्षी सदस्यों ने भी भाग लिया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मानसून सत्र की जानकारी देते हुए बताया कि मौखिक उत्तर के लिए 419 तारांकित प्रश्न शामिल किए गए थे मगर सिर्फ 55 प्रश्नों के ही मौखिक उत्तर दिए जा सके। इसके अलावा मानसून सत्र में कुल 14 सरकारी विधेयक सदन में पेश किए गए जिनमें से 12 विधेयक पारित भी हो गए। आपको बता दें कि कल ही लोकसभा में ऑनलाइन गेमिंग से जुड़ा प्रमोशन एंड रेग्युलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग बिल, 2025 पास हुआ है। ऑनलाइन गेम्स के नाम पर हो रही धोखाधड़ी से युवाओं को बचाने के लिए केंद्र सरकार यह बिल लाई है।
इससे पहले नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस बिल 2025 और एंटी डोपिंग (संशोधन) विधेयक 2025 को भी लोकसभा से पारित कर दिया गया। कल ही केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने संविधान (130वां संशोधन) विधेयक, 2025, केंद्र शासित प्रदेश सरकार (संशोधन) विधेयक, 2025, जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2025 को लोकसभा में पेश किया था जिसके बाद विपक्ष ने बिल की प्रतियां फाड़ दी थी। इस विधेयक के तहत गंभीर आपराधिक आरोपों में लगातार 30 दिन तक जेल में रहने पर प्रधानमंत्री से लेकर केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री अथवा केंद्र शासित प्रदेश के मुख्यमंत्री या मंत्री सभी को पद से हटाने का प्रावधान है।
