June 2, 2026

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सत्येंद्र जैन से जुड़ी 7.44 करोड़ की प्रॉपर्टी ईडी ने अटैच की, आय से अधिक संपत्ति और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है मामला

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के नेता और केजरीवाल सरकार में मंत्री रह चुके सत्येंद्र जैन एक बार फिर मुश्किल में घिर गए हैं। आय से अधिक संपत्ति के मामले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग कानून (PMLA) के तहत प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उनकी कंपनियों से जुड़ी 7.44 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच कर ली है। यह कार्रवाई बीती 15 सितंबर को की गई थी। सीबीआई ने सत्येंद्र जैन और उनकी पत्नी पूनम जैन के खिलाफ मामला दर्ज किया था। सीबीआई का आरोप है कि सत्येंद्र जैन ने फरवरी 2015 से मई 2017 के बीच मंत्री रहते हुए अपनी आय से कहीं अधिक संपत्ति जुटाई। इस केस में 2018 में सीबीआई ने चार्जशीट भी दाखिल कर दी थी।

सीबीआई के मुताबिक नवंबर 2016 में नोटबंदी के तुरंत बाद सत्येंद्र जैन के करीबी अंकुश जैन और वैभव जैन ने 7.44 करोड़ रुपये बैंक में जमा कराए थे। उन्होंने यह पैसा कुछ कंपनियों अकिंचन डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, पर्यस इन्फोसॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड, मंगलायतन प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड और इंडो मेटल इम्पेक्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर दिखाया था। बाद में यह बात पता चली कि ये कंपनियां सत्येंद्र जैन से ही जुड़ी हुई थीं। जांच के आधार पर आयकर विभाग और दिल्ली हाई कोर्ट ने अंकुश जैन और वैभव जैन को सत्येंद्र जैन के लिए बेनामी संपत्ति धारक माना था।

ईडी इससे पहले भी 4.81 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर चुकी थी। अब हालिया कार्रवाई के बाद कुल 12.25 करोड़ रुपये की सम्पत्ति जब्त हो चुकी है। सीबीआई के द्वारा दर्ज किए मामले के आधार पर ही ईडी ने इस केस से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग आरोपों की जांच शुरू की। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट इस मामले में सत्येंद्र जैन की विशेष अनुमति याचिकाओं और पुनर्विचार याचिकाओं को खारिज कर चुका है। इस केस में सीबीआई ने अपनी चार्जशीट में आप नेता सत्येंद्र जैन, उनकी पत्नी के अलावा कुछ अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया है।

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