इंडियन मुजाहिद्दीन के आतंकी मिर्जा शादाब बेग का भी अल फलाह यूनिवर्सिटी से मिला कनेक्शन, बी.टेक में लिया था दाखिला
नई दिल्ली। फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी का दिल्ली लाल किला ब्लास्ट में लिंक सामने आने के बाद से इसको लेकर लगातार नए नए खुलासे हो रहे हैं। जांच में पता चला है कि 2008 में दिल्ली और अहमदाबाद में सीरियल धमाकों में बम बनाने की साजिश रचने वाला इंडियन मुजाहिदीन का आतंकी मिर्जा शादाब बेग भी अल फलाह यूनिवर्सिटी का छात्र रह चुका है। शादाब बेग ने इस यूनिवर्सिटी में बी. टेक में दाखिला लिया था। यूनिवर्सिटी में कार्यरत दिल्ली ब्लास्ट के आरोपियों की गिरफ्तारी और पुराने रिकॉर्ड को देखते हुए यह पता चला है कि पिछले एक दशक से ज्यादा समय से इस यूनिवर्सिटी में आतंकी गतिविधियां चल रही थीं।
यूनिवर्सिटी के फाउंडर जावेद अहमद सिद्दीकी ने 1997 में पहले अल-फलाह इंजीनियरिंग कॉलेज खोला और बाद में अल-फलाह यूनिवर्सिटी की स्थापना की। जावेद पर अल-फलाह ट्रस्ट के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है और उसे गिरफ्तार कर अदालत ने उसे 13 दिन के लिए ईडी रिमांड पर भेज दिया है। अलफलाह यूनिवर्सिटी सबसे पहले उस वक्त चर्चा में आई जब यहां कार्यरत डा. मुजम्मिल और डा. शाहीन को गिरफ्तार किया गया। दरअसल सहारनपुर से गिरफ्तार किए गए डा. आदिल की निशानदेही पर जम्मू कश्मीर पुलिस ने हरियाणा पुलिस के मिलकर फरीदाबाद में डा. मुजम्मिल के किराए के घर पर छापेमारी कर बड़ी संख्या में विस्फोटक पदार्थ, एके राइफल, केमिकल बरामद किया था। इसी के बाद दिल्ली में ब्लास्ट हो गया था।
इस ब्लास्ट को डा. मुजम्मिल के साथी डा. उमर ने अंजाम दिया जो खुद उस i20 को चला रहा था जिसमें विस्फोटक था। तब से अल फलाह यूनिवर्सिटी के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं जिसमें अब तक बहुत सी अहम जानकारियां सामने आ चुकी हैं। अल फलाह के कई कर्मचारियों से पूछताछ भी की जा चुकी है कुछ और लोग अभी जांच के घेरे में हैं जिनसे अभी पूछताछ होनी है।
