कई राज्यों में दर्ज एफआईआर एक जगह करने से सुप्रीम कोर्ट ने किया इनकार
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने हेट स्पीच के मामले में सख्त रुख अपनाते हुए जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के अध्यक्ष अमित बघेल को राहत देने से साफ इनकार कर दिया है। अमित बघेल ने अपने खिलाफ कई राज्यों में दर्ज एफआईआर को एक ही जगह ट्रांसफर करने की याचिका सुप्रीम कोर्ट में दी थी। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता ने जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी अध्यक्ष अमित बघेल की अपील खारिज कर दी। कोर्ट ने बघेल के लिए कहा कि अब आप पुलिस के खर्चे पर अलग-अलग राज्य घूम सकेंगे। बेंच ने ये भी कहा कि आपको जुबान भीतर रखनी चाहिए।
अमित बघेल के वकील सिद्धार्थ दवे ने सुप्रीम कोर्ट में माना कि उनके मुवक्किल से गलती हुई है। उन्होंने बचाव में ये दलील दी कि गुस्से की वजह से अमित बघेल ने हेट स्पीच दे दिया। उन्होंने ये दलील भी दी कि जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी अध्यक्ष का इरादा किसी की भावना को ठेस पहुंचाने का नहीं था। वकील सिद्धार्थ दवे ने सुप्रीम कोर्ट बेंच को बताया कि अमित बघेल के खिलाफ छत्तीसगढ़ में ही 5 एफआईआर दर्ज हुई हैं। इसके अलावा अन्य राज्यों में भी उनके खिलाफ एफआईआर की गई हैं। जिनको छत्तीसगढ़ में ही ट्रांसफर करने की उन्होंने कोर्ट से अपील की। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए हस्तक्षेप करने से इनकार किया और कहा कि अब राज्यों की पुलिस आकर आपको ले जाएगी। आप देशभर में घूमने का मजा लीजिए।
अमित बघेल के वकील ने ये दलील भी दी कि किसी मामले में देश के अलग-अलग हिस्सों में एफआईआर दर्ज करने का ट्रेंड बन गया है। उन्होंने ये दलील भी दी कि पहले सुप्रीम कोर्ट कई जगह दर्ज हुई एफआईआर को एक जगह करने का आदेश भी दे चुका है। छत्तीसगढ़ के अलावा अमित बघेल पर मध्य प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र और तमिलनाडु में भी एफआईआर हो चुकी हैं। अमित बघेल पर आरोप है कि उन्होंने सिंधी समाज को पाकिस्तानी कहा था। जिसके विरोध में कई जगह इस समाज के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया था। साथ ही अमित के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई थी।
