बंगाल विधानसभा में अगस्त में पेश होगा UCC बिल: सीएम शुभेंदु अधिकारी
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने प्रदेश में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को लागू करने से संबंधित कई अहम जानकारियां आज विधानसभा में दी। सीएम ने बताया कि UCC बिल के ड्राफ्ट को 2 जुलाई को कैबिनेट की बैठक में लाया जाएगा। बंगाल का यूसीसी बिल उत्तराखंड, असम और गुजरात के मौजूदा यूनिफॉर्म सिविल कोड पर आधारित होगा। बंगाल के आदिवासी समुदाय को यूसीसी के दायरे से बाहर रख गया है। बंगाल में मौजूदा पर्सनल कानूनों का अध्ययन करने के लिए सुप्रीम कोर्ट की रिटायर्ड जज रंजना देसाई की अध्यक्षता में एक टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि यह कमेटी 4 सप्ताह में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी और इसके बाद अगस्त में बंगाल विधानसभा में यूसीसी बिल पेश किया जाएगा। इस कमेटी में एक रिटायर्ड आईएएस अफसर, कानूनी मामलों के एक जानकार, एक शिक्षाविद, एक समाजसेवी और एक एडिशनल सेक्रेटरी को बतौर सदस्य शामिल किया जाएगा। शादी, तलाक, प्रॉपर्टी की विरासत, बच्चों की संरक्षण, बच्चों को गोद लेने समेत कुल 9 मामलों पर कमेटी अपने विचार रखेगी। सीएम ने कहा कि हमने पहले ही यूसीसी लाने का वादा किया था और हम अपने वादे को पूरा करेंगे। जहां भी बीजेपी की सरकार होगी वहां यूसीसी लाया जाएगा।
बता दें कि बीजेपी ने बंगाल में विधानसभाा चुनाव से पहले अपने घोषणा पत्र में यह कहा था कि प्रदेश में सरकार बनने के बाद 6 माह के अंदर समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लागू करेंगे। अब जब प्रदेश में बीजेपी की सरकार बन चुकी है तो यूसीसी लागू करने की दिशा में काम शुरू हो गया है। अभी पिछले महीने में असम में हिमंत बिस्वा सरकार ने यूसीसी लागू किया है। इस तरह से असम देश का तीसरा राज्य है जहां यूसीसी लागू हुआ है। सबसे पहले उत्तराखंड और उसके बाद गुजरात में समान नागरिक संहिता विधेयक पारित हुआ था।
