दुष्कर्म के आरोप में आजीवन कारावास की सजा काट रहे नारायण साईं की मुश्किल और बढ़ी, दर्ज हुई नई एफआईआर
नई दिल्ली। दुष्कर्म के आरोप में आजीवन कारावास की सजा काट रहे नारायण साईं की मुश्किल अब और बढ़ गई है। गुजरात के सूरत की लाजपोर सेंट्रल जेल में बंद नारायण साईं की बैरक से मोबाइल फोन बरामद हुआ है। जेल में मोबाइल रखने को मामले में अब नारायण साईं के खिलाफ एक नई एफआईआर दर्ज हो गई है। यह एफआईआर सचिन पुलिस थाने में दर्ज कराई गई है। नारायण साईं ने बहुत ही शातिराना तरीके से जेल की अपनी बैरक में मोबाइल फोन को छुपाया हुआ था। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि आखिर नारायण साईं के पास जेल में मोबाइल किसने पहुंचाया।
आसाराम के बेटे नारायण साईं को जेल की हाई-सिक्योरिटी बैरक नंबर-1 में रखा गया है। इस बैरक में वो अकेला है। जेल प्रशासन को गुप्त सूचना मिली थी कि नारायण साईं के पास मोबाइल फोन है। इसके बाद जेल प्रशासन ने नारायण साईं की बैरक में छानबीन की। तो कड़ी मशक्कत के बाद वहां से मोबाइल फोन मिला। मोबाइल को जिस तरह से छुपाया गया था उसे देखकर पुलिसकर्मी भी दंग रह गए। नारायण साईं ने लोहे के दरवाजे के पीछे चुंबक की मदद से मोबाइल फोन को वहां चिपकाया हुआ था। इसके अलावा सिम को वो इनहेलर के अंदर छिपाकर रखता था। जबकि मोबाइल फोन की बैटरी को उसने अलग जगह पर छुपाया था।
नारायण साईं मोबाइल यूज करने के बाद उसमें से बैटरी और सिम निकाल लेता था। उसके पास से जो सिम बरामद हुआ है वो जिओ कंपनी का है। जेल प्रशासन की ओर से सचिन पुलिस थाने में नारायण साईं के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं और गुजरात जेल मैनुअल के नियमों के उल्लंघन के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई है। इस बात का भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि नारायण साईं ने किन किन लोगों से बात की और उसके पास कब से मोबाइल है।
