वक्फ एक्ट पर ममता बनर्जी ने लिया यू-टर्न!, पहले लागू न करने का किया था एलान
कोलकाता। संसद से पास वक्फ संशोधन एक्ट पर पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने यू-टर्न लिया है। ममता बनर्जी ने पहले एलान किया था कि वो इसे पश्चिम बंगाल में लागू नहीं होने देंगी। अब ममता सरकार के एक वरिष्ठ अफसर के हवाले से अखबार दैनिक हिंदुस्तान ने बताया है कि सभी जिलों के डीएम से कहा गया है कि वे पश्चिम बंगाल की करीब 82000 वक्फ संपत्तियों का विवरण केंद्र के उम्मीद पोर्टल पर 6 दिसंबर 2025 तक डाल दें। जिन वक्फ संपत्तियों पर विवाद है, उनको अभी पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार उम्मीद पोर्टल पर नहीं डालेगी।
इससे पहले ममता बनर्जी वक्फ संशोधन एक्ट के विरोध में आवाज उठाती रही हैं। ममता बनर्जी ने 9 अप्रैल 2025 को जैन समुदाय के एक कार्यक्रम में वक्फ संशोधन एक्ट लागू न करने की बात कही थी। पश्चिम बंगाल की सीएम ने कहा था कि हम 33 फीसदी मुस्लिम जनसंख्या वाले राज्य हैं। ये मुस्लिम सदियों से पश्चिम बंगाल में रह रहे हैं। ममता बनर्जी ने कहा था कि पश्चिम बंगाल में रहने वाले मुस्लिमों का संरक्षण करना उनका कर्तव्य है। ममता बनर्जी की सरकार ने वक्फ संशोधन एक्ट के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दाखिल की थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम फैसले में कहा कि वो संसद से पास कानून पर रोक नहीं लगा सकते। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने कुछ शर्तों के साथ वक्फ संशोधन एक्ट को लागू करने की हरी झंडी दिखाई थी।
बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान भी वक्फ एक्ट का मामला गर्माया था। आरजेडी के नेता तेजस्वी यादव ने बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कहा था कि अगर राज्य में महागठबंधन की सरकार बनी, तो वो वक्फ संशोधन एक्ट को फाड़कर कूड़े में डाल देंगे। तेजस्वी यादव के इस बयान के बाद बीजेपी नेताओं और केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने साफ कह दिया था कि कोई भी राज्य वक्फ संशोधन एक्ट को लागू करने से इनकार नहीं कर सकता। पश्चिम बंगाल में अब अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में देखने वाली बात ये होगी कि वक्फ संशोधन एक्ट लागू करने के ममता बनर्जी सरकार के फैसले का कोई असर होता है या नहीं?
