कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी ने टीएमसी समर्थकों के हमले का लगाया आरोप
बहरमपुर/मुर्शिदाबाद। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए 23 और 29 अप्रैल को वोटिंग होनी है। पश्चिम बंगाल में सभी पार्टियों के नेता प्रचार में जुटे हैं। हर बार की तरह इस बार भी पश्चिम बंगाल में कई जगह हिंसा और धमकी देने की घटनाएं देखने को मिल रही है। कांग्रेस के नेता और बहरमपुर से चुनाव में उतरे अधीर रंजन चौधरी ने आरोप लगाया है कि टीएमसी के कार्यकर्ताओं ने हमला किया। जानकारी के मुताबिक अधीर रंजन चौधरी जब प्रचार कर रहे थे, तो टीएमसी कार्यकर्ताओं ने रास्ता रोका। फिर टीएमसी और कांग्रेस समर्थक भिड़ गए।
वहीं, पुलिस ने मुर्शिदाबाद में टीएमसी के एक स्थानीय नेता को गिरफ्तार किया है। टीएमसी नेता पर आरोप लगा है कि उसने घर-घर जाकर धमकी दी कि बीजेपी को वोट देने वालों की खैर नहीं। शिकायत मिलने के बाद मुर्शिदाबाद पुलिस ने टीएमसी के इस नेता को गिरफ्तार किया। टीएमसी नेता का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। जिसमें वो कह रहा था कि बीजेपी को वोट नहीं देना है। उसने संकेत में कहा था कि जो भी बीजेपी को वोट देगा, 4 मई को उसके घर रसगुल्ला भेजूंगा। वीडियो सामने आने की वजह से टीएमसी के नेता पर कार्रवाई हुई।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान हिंसा और धमकी देकर वोट रुकवाने वालों पर चुनाव आयोग सख्ती बरत रहा है। पश्चिम बंगाल में निष्पक्ष और हिंसा रहित चुनाव कराने के लिए चुनाव आयोग ने करीब 2500 कंपनी केंद्रीय सुरक्षाबल लगाए हैं। साथ ही चुनाव आयोग ने ये भी तय किया है कि 4 मई को चुनाव नतीजे घोषित होने के बाद भी पश्चिम बंगाल में 500 कंपनी केंद्रीय बल तैनात रहेंगे। पश्चिम बंगाल में हर बार चुनावों के बाद हिंसा की घटनाएं होती रही हैं। 2021 में तो पश्चिम बंगाल के तमाम लोगों ने हिंसा के बाद असम में शरण भी ली थी। इस बार ऐसी घटनाएं न होने देने का दावा चुनाव आयोग ने किया है। हालांकि, छिटपुट घटनाएं फिर भी हो रही हैं।
