ईरान ने अमेरिका का 48 घंटे का युद्धविराम प्रस्ताव खारिज किया, अब कैसे रुकेगा युद्ध?
नई दिल्ली। ईरान ने अमेरिका की ओर से दिए गए 48 घंटे के युद्धविराम के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। ईरान ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि उसके अधिकारी इस्लामाबाद में अमेरिकी अधिकारियों से मिलने के लिए तैयार नहीं है, न ही हमें अमेरिका की मांगें स्वीकार हैं। अल जजीरा ने फार्स न्यूज एजेंसी के हवाले से यह जानकारी दी है। इसी के साथ अमेरिका-ईरान युद्ध रोकने के लिए पाकिस्तान सहित क्षेत्रीय देशों द्वारा किए जा रहे मध्यस्थता के प्रयास भी अब विफल हो गए हैं। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह दावा किया था ईरान सीजफायर की गुहार लगा रहा है और उसके साथ अमेरिकी की सार्थक बातचीत भी चल रही है।
बता दें कि अमेरिकी से बातचीत के बाद पाकिस्तान ने ईरान युद्ध में मध्यस्थता की पेशकश की थी। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान का कहना है कि उनका देश अपनी सभी क्षमताओं का उपयोग कर रहा है। अमेरिका और इजरायल के हमलों के खिलाफ ईरान अपनी रक्षा करने के लिए हमेशा तैयार है। ट्रंप ने अभी दो दिन पहले ईरान को धमकी देते हुए कहा था कि अगर उसने समझौता नहीं किया तो अमेरिका ईरान को वापस पाषाण युग में भेज देगा। इसके जवाब में ईरान ने जोरदार पलटवार करते हुए कहा था कि अमेरिका की बमबारी से हम पाषाण युग में वापस नहीं जाने वाले।
ईरान ने कहा था कि हम सात हजार वर्षों की सभ्यता वाला राष्ट्र हैं। इतिहास हमें भली-भांति जानता है। पाषाण युग से आधुनिक युग तक बच्चों की हत्या और मानवता के विरुद्ध अपराधों अमेरिका ने किए हैं। ईरान ने यह भी कहा था कि जब आप लोग गुफाओं में आग की तलाश कर रहे थे, तब हम साइप्रस सिलेंडर पर मानवाधिकारों के नियम लिख रहे थे। हमने सिकंदर के प्रकोप और मंगोल आक्रमणों का सामना किया और डटे रहे, क्योंकि ईरान सिर्फ एक देश नहीं, बल्कि एक सभ्यता है।
