डीके शिवकुमार और सिद्धारामैया के बीच कर्नाटक के सीएम पद की खींचतान खत्म!, जानिए साथ बैठकर क्या बोले दोनों नेता?
बेंगलुरु। सिद्धारामैया और डीके शिवकुमार के बीच कर्नाटक के सीएम कुर्सी के लिए जारी खींचतान क्या दोनों के साथ नाश्ते के बाद खत्म हो गई है! इस बारे में सीएम सिद्धारामैया और डीके शिवकुमार की तरफ से अलग-अलग बयान आए हैं। सिद्धारामैया के साथ नाश्ते के बाद संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर डीके शिवकुमार ने कहा है कि सिद्धारामैया और उनके बीच सियासत पर बात नहीं हुई। वहीं, सिद्धारामैया का कहना है कि अब कोई असमंजस नहीं है और कांग्रेस हाईकमान जो कहेगा, वो हम मानेंगे। सिद्धारामैया ने ये भी कहा कि मीडिया के कुछ रिपोर्टर्स ने असमंजस पैदा किया था। दोनों के बयानों से फिलहाल लग रहा है कि मसला सुलझ गया है, लेकिन ये कोई नहीं बता सकता कि सियासत में कब क्या हो।
सिद्धारामैया के इस बयान के उलट कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार का बयान आया है। सिद्धारामैया के साथ सीएम आवास गए शिवकुमार ने नाश्ते को अच्छा बताया। उन्होंने कहा कि वो सीएम सिद्धारामैया और उनकी सरकार में मंत्री पोनप्पा के साथ बैठे थे। डीके शिवकुमार ने कहा कि नाश्ते के दौरान किसी भी तरह की राजनीतिक चर्चा नहीं हुई। सिर्फ साथ में नाश्ता किया। इस बीच, खबर है कि डीके शिवकुमार अब दिल्ली पहुंचेंगे। जबकि, अंदरखाने की खबरों के मुताबिक सिद्धारामैया को दिल्ली में कांग्रेस हाईकमान से बुलावे का इंतजार है। बीते दिनों ही सिद्धारामैया और शिवकुमार दिल्ली जाकर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मिले थे।
कर्नाटक में सीएम पद के लिए सिद्धारामैया और डीके शिवकुमार के बीच कथित जंग के मसले पर राज्य के मंत्री और मल्लिकार्जुन खरगे के बेटे प्रियांक खरगे का भी बयान आया है। प्रियांक खरगे ने कहा है कि कांग्रेस नेतृत्व ने सही वक्त पर हस्तक्षेप कर हालात संभाल लिया। वहीं, सीएम सिद्धारामैया के बेटे यतींद्र ने कहा कि कर्नाटक में सीएम बदलने के बारे में कांग्रेस हाईकमान से कोई निर्देश नहीं मिला है। इससे पहले डीके शिवकुमार ने गोपनीय समझौता होने का बयान दिया था। शिवकुमार ने बात के महत्व और त्याग की बात भी कही थी। जिसके बाद अटकलों ने और जोर पकड़ा कि कर्नाटक में डीके शिवकुमार और सिद्धारामैया के बीच कोई पेच फंसा है। दरअसल, 2023 में जब कर्नाटक में कांग्रेस सरकार बनी थी, तब सूत्रों ने दावा किया था कि सिद्धारामैया और शिवकुमार के बीच ढाई-ढाई साल सीएम पद पर समझौता हुआ है। सिद्धारामैया को कर्नाटक का सीएम बने ढाई साल हो चुके हैं।
