लैंड फॉर जॉब केस में लालू परिवार समेत अन्य आरोपियों पर आरोप तय करने का आदेश फिर टला
नई दिल्ली। लैंड फॉर जॉब केस में लालू परिवार समेत अन्य आरोपियों पर आरोप तय करने का आदेश दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने टाल दिया है। इसके साथ ही कोर्ट ने केस की जांच कर रही सीबीआई को यह निर्देश दिया है कि इस केस से जुड़े जितने भी आरोपी हैं उन सभी की वर्तमान स्थिति की पुष्टि करने के लिए स्टेटस रिपोर्ट लगाए। दरअसल केस की कार्यवाही के दौरान कुछ आरोपितों की मृत्यु हो चुकी है, इसी वजह से अदालत ने हर आरोपित की स्थिति की दोबारा जांच कर विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है।
राउज एवेन्यू कोर्ट ने केस की अगली सुनवाई के लिए 8 दिसंबर की तारीख तय की है। लालू प्रसाद यादव के अलावा उनकी पत्नी और बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, उनके दोनों बेटे तेज प्रताप और तेजस्वी यादव, दो बेटियों मीसा भारती, हेमा यादव समेत 103 लोगों को सीबीआई ने अपनी चार्जशीट में आरोपित बनाया था। इससे पहले इस केस में सीबीआई की चार्जशीट पर आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने को लेकर 10 नवंबर को फैसला आना था मगर उस दिन भी अदालत ने 4 दिसंबर तक के लिए अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था।
लालू परिवार की तरफ से ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगाने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दी गई थी, मगर वहां से उन्हें कोई राहत नहीं मिली थी और जुलाई में उनकी याचिका खारिज हो गई थी। बता दें कि यह पूरा मामला यूपीए सरकार के पहले कार्यकाल में साल 2004 से 2009 के बीच का है जब लालू यादव केंद्रीय रेल मंत्री थे। आरोप है कि उस वक्त रेलवे में ग्रुप डी की भर्तियों में नौकरी के बदले की जमीन का सौदा किया गया। जिन लोगों को नौकरी दी गई उनकी पुस्तैनी जमीन को बेहद सस्ते दामों पर ले लिया गया। जमीनों को एबी एक्सपोर्ट्स और एके इन्फोसिस्टम्स नाम की दो कंपनियों को हस्तांतरित किया गया था। बाद में यह कंपनी लालू यादव के परिजनों के नाम ट्रांसफर हो गई थी। इस केस से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच ईडी कर रही है।
