नाइजीरिया में ईसाइयों की हत्या के बाद इस्लामी कट्टरपंथ पर खुली अमेरिका की आंखें!, विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने दुनियाभर के लिए बताया खतरा
वॉशिंगटन। इस्लाम को मानने वाले तमाम लोग कट्टरपंथी हैं। पहले दुनिया में तमाम जगह अमेरिका ने इस्लामी कट्टरपंथियों को मदद भी दी, लेकिन नाइजीरिया में जब ईसाइयों की हत्या होने लगी, तो अब ऐसे कट्टरपंथियों पर अमेरिका की आंखें खुली हैं। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने इस्लामी कट्टरपंथ से खतरा बताया है। अमेरिका के विदेश मंत्री ने फॉक्स न्यूज से बात करते हुए बुधवार को कहा कि इस्लामी कट्टरपंथी ज्यादा से ज्यादा इलाके और लोगों पर कब्जा जमाना चाहते हैं। मार्को रूबियो ने कहा कि ये दुनिया की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है। अफ्रीकी देश नाइजीरिया में बीते कुछ वक्त से फुलानी कट्टरपंथी मिलिशिया ने ईसाइयों की सामूहिक हत्या की वारदात की है।
अमेरिका के विदेश मंत्री रूबियो ने कहा कि नाइजीरिया और दुनिया में अन्य जगह ईसाइयों के खिलाफ हिंसा को सीधी मदद देने, फंड देने और समर्थन करने वालों को उनका देश वीजा नहीं देगा। मार्कों रूबियो ने कहा कि इस्लामी कट्टरपंथियों ने दिखाया है कि दुनिया के सिर्फ एक हिस्से पर कब्जा करने की उनकी इच्छा नहीं है। रूबियो ने कहा कि इस्लामी कट्टरपंथी चारों ओर फैलना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि ये क्रांति जैसा लगता है। जिसमें ज्यादा इलाकों और लोगों पर कब्जा करना है। रूबियो ने कहा कि इससे पश्चिमी देशों यानी यूरोप और खासकर अमेरिका को खतरा है। क्योंकि इस्लामी कट्टरपंथी अमेरिका को दुनिया में सबसे बड़ा शैतान मानते हैं।
अमेरिका के विदेश मंत्री रूबियो ने कहा कि ये इस्लामी कट्टरपंथी आतंकवाद और हत्याओं समेत कुछ भी करते हैं। ताकि दुनियाभर के समाज और संस्कृति पर अपना दबदबा कायम कर सकें। रूबियो ने कहा कि इस्लामी कट्टरपंथियों ने पश्चिम, यूरोप और अमेरिका के खिलाफ साजिश रची हुई है। वे इस बारे में तरक्की कर रहे हैं। उन्होंने ईरान का नाम लेते हुए कहा कि इस्लामी कट्टरपंथी आतंकी गतिविधियां करने के लिए तैयार हैं। इसके अलावा देशों में गड़बड़ी फैलाने और नामचीन लोगों की हत्या करने की भी साजिश इस्लामी कट्टरपंथियों ने रची हुई है। इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि उनका देश नाइजीरिया पर हमला कर सकता है। अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने नाइजीरिया के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नुहू रिबाडू से मुलाकात भी की थी।
