पर्चे पर Rx लिखने वाले डॉक्टरों के हाथों में है RDX, व्हाइट कॉलर टेररिज्म की बात करते हुए राजनाथ सिंह ने जताई चिंता
नई दिल्ली। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह उदयपुर में स्थित भूपाल नोबल्स विश्वविद्यालय के 104वें स्थापना दिवस समारोह में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने शिक्षा और उसकी उपयोगिता के विषय में बताते हुए कहा कि बहुत बड़ी विडंबना है कि बहुत शिक्षित लोग भी आपराधिक गतिविधियों में लिप्त पाए जाते हैं। आज ‘व्हाइट कॉलर टेररिज्म’ जैसी चिंताजनक प्रवृत्तियां सामने आ रही हैं, जहां अत्यंत शिक्षित लोग, समाज और राष्ट्र के विरुद्ध कार्य करते हैं। हाल में ही जो दिल्ली में बम ब्लास्ट हुआ वो करने वाले डॉक्टर थे। वरना जो डॉक्टर पर्चे पर हमेशा Rx लिखते हैं, उन डॉक्टरों के हाथों में RDX है।
राजनाथ ने कहा कि यह हमें आत्ममंथन के लिए विवश करता है कि शिक्षा का उद्देश्य केवल प्रोफेशनल सक्सेस नहीं, बल्कि सदाचार, नैतिकता और एक मानवीय व्यक्तित्व का निर्माण भी है। यही भारतीय शिक्षा दर्शन की मूल आत्मा है जिससे समाज में समरसता और शांति बढ़ती है। हमारा प्रयास है कि हम भारतीय शिक्षा के मूल स्वरूप को बनाए रखते हुए उसे नए युग के साथ तालमेल बिठाने के लायक भी बनाएं।
रक्षा मंत्री ने कहा कि किसी भी राष्ट्र का भविष्य उसके विद्यालयों और विश्वविद्यालयों की कक्षाओं में ही आकार लेता है। आज की शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री देना नहीं हो सकता है बल्कि इसका उद्देश्य ऐसे व्यक्तियों का निर्माण करना होना चाहिए जो विचारशील हों और देश का नेतृत्व करने में सक्षम हों। हमारा उद्देश्य ऐसे युवा तैयार करना है जो समस्याओं से डरें नहीं, बल्कि उनका समाधान खोजें, जो भारत की प्रगति के सिर्फ़ सहभागी ही नहीं, वाहक भी बनें। अक्सर लोग औपचारिक शिक्षा समाप्त होते ही, सीखने की प्रक्रिया की भी समाप्ति मान लेते हैं, जो एक बड़ी भूल है। तर्कशक्ति और रचनात्मकता के विकास के लिए निरंतर अध्ययन अनिवार्य है। यह बात केवल विद्यार्थियों पर ही नहीं बल्कि शिक्षकों पर भी लागू होती है।
