कृषि कानूनों की वापसी पर कांग्रेस समेत विपक्षी दलों का ऐसा रहा रिएक्शन, कही ये बात
नई दिल्ली। पीएम नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार सुबह 9 बजे देश के नाम अपना संबोधन दिया जहां उन्होंने तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने का ऐलान किया है। अपना संदेश देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि हम किसानों को समझा नहीं पाए इसलिए ये कानून वापस ले रहे हैं। संसद के शीतकालीन सत्र मे इन्हें रद्द करने की प्रतिक्रिया भी शुरू कर दी जाएगी। पीएम मोदी के इस ऐलान के बाद से देश में भर में चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत देशभर के नेता कानूनों की वापसी को किसानों की जीत का करार दे रहे हैं। इस एक साल में लगभग किसान आंदोलन में 700 किसानों की मौत हो गई। तमाम नेता दावा कर रहे हैं कि अब सरकार ने अपनी गलती मान ली है और कानून वापस ले लिए हैं। कांग्रेस पूर्व अध्यक्ष और नेता राहुल गांधू ने इस पर कहा कि सत्याग्रह ने अहंकार का सिर झुका दिया है।
राहुल गांधी ने कही ये बात
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों को वापस लिए जाने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा के बाद शुक्रवार को कहा कि देश के अन्नदाताओं ने सत्याग्रह से अहंकार का सिर झुका दिया है।
उन्होंने ट्वीट किया, ”देश के अन्नदाता ने सत्याग्रह से अहंकार का सिर झुका दिया। अन्याय के खिलाफ़ ये जीत मुबारक हो! जय हिंद, जय हिंद का किसान!” राहुल गांधी ने कृषि कानूनों के खिलाफ कुछ महीने पहले पंजाब में निकाली गई अपनी एक यात्रा के दौरान दिए गए अपने उस बयान एक वीडियो भी साझा किया जिसमें उन्होंने दावा किया था कि केंद्र सरकार एक दिन ये कानून वापस लेने को मजबूर होगी।
मल्लिकार्जुन खड़गे का रिएक्शन
इसके अलावा कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, “यह किसानों की जीत है, जो इतने दिनों से कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हैं; 700 से अधिक की मृत्यु हो गई। लगता है केंद्र दोषी है… लेकिन किसानों की मुश्किलों की जिम्मेदारी कौन लेगा? हम इन मुद्दों को संसद में उठाएंगे”
डी डब्ल्यू पाटिल का रिएक्शन
महाराष्ट्र के गृह मंत्री ने कहा, “अगर यह फैसला पहले लिया जाता तो इतने किसानों की जान नहीं जाती। सरकार को पहले संवाद शुरू करना चाहिए था लेकिन ऐसा नहीं हुआ, किसानों की नहीं सुनी गई। उन्हें सड़कों पर बैठना पड़ा। उनकी मांग आज पूरी कर दी गई। यह उनकी जीत है”
