एक्टर रणवीर सिंह के खिलाफ बेंगलुरु पुलिस ने दर्ज की एफआईआर, दैव परंपरा के अपमान समेत कई गंभीर आरोप लगाए
बेंगलुरु। एक्टर रणवीर सिंह के लिए मुश्किल खड़ी हो सकती है। कर्नाटक की बेंगलुरु पुलिस ने एक्टर रणवीर सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। रणवीर सिंह के खिलाफ बीएनएस की धारा 196, 299 और 302 के तहत ये एफआईआर हुई है। बेंगलुरु पुलिस ने एफआईआर में आरोप लगाया है कि एक्टर रणवीर सिंह ने 28 नवंबर 2025 को गोवा के इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल IFFI की क्लोजिंग सेरेमनी में स्टेज पर फिल्म कांतारा- चैप्टर 1 के हीरो की मौजूदगी में पवित्र दैव परंपरा का मजाक उड़ाकर अपमान किया। जिससे पवित्र परंपरा के प्रति अनादर को बढ़ावा दिया गया और सांप्रदायिक सद्भाव बिगड़ा।
बेंगलुरु पुलिस ने एफआईआर में लिखा है कि रणवीर सिंह ने देवता को भूत कहा। ईशनिंदा की और हिंदुओं की धार्मिक मान्यताओं और रीति-रिवाजों का ऐसा कर अपमान किया। बेंगलुरु पुलिस ने एक्टर रणवीर सिंह के खिलाफ एफआईआर में कहा है कि आरोपी ने ऐसा जान-बूझकर, सोच-समझकर और दुर्भावनापूर्ण तरीके से किया। रणवीर सिंह पर पुलिस ने आरोप लगाया है कि उनकी हरकत का मकसद न सिर्फ हिंदू भक्तों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना था, बल्कि समाज में धार्मिक आधार पर समूहों के बीच नफरत और असामंजस्य फैलाना भी था। बेंगलुरु पुलिस ने एफआईआर में कहा है कि चामुंडी दैव के प्रति एक्टर रणवीर सिंह की कही बातें धार्मिक मान्यताओं का अपमान था।
बीएनएस की धारा 196 के तहत समूहों के बीच मतभेद को बढ़ावा देने पर तीन साल की कैद और जुर्माने की सजा का प्रावधान है। पूजा स्थलों पर ऐसा करने पर पांच साल की सजा हो सकती है। बीएनएस की धारा 299 के तहत जानबूझकर किसी की धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाने का मामला बनता है। इसमें तीन साल की कैद और जुर्माना हो सकता है। वहीं, बीएनएस की धारा 302 किसी व्यक्ति की धार्मिक भावनाओं को जान-बूझकर ठेस पहुंचाने से संबंधित है। इसमें एक साल की कैद और जुर्माने का प्रावधान है। ऐसे में बेंगलुरु पुलिस की एफआईआर एक्टर रणवीर सिंह के लिए मुश्किल का सबब बन सकती है। बेंगलुरु पुलिस चाहे तो रणवीर सिंह की गिरफ्तारी भी कर सकती है। क्योंकि दो मामलों में दो साल से ज्यादा कैद का प्रावधान है।
