शबाना महमूद बन सकती हैं ब्रिटेन की पहली मुस्लिम प्रधानमंत्री, पीओके से है कनेक्शन
नई दिल्ली। अमेरिका में जारी हुई एपस्टीन फाइल्स की जद में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर भी आ गए हैं। ब्रिटिश पीएम का अपनी ही लेबर पार्टी में विरोध शुरू हो गया है। यहां तक कि कीर स्टार्मर पर इस्तीफा देने का दबाव है और ऐसे में ब्रिटेन की राजनीति में इस वक्त हलचल मची हुई है। ऐसे में अगर कीर स्टार्मर रिजाइन करते हैं तो नए प्रधानमंत्री के रूप में शबाना महमूद के नाम की चर्चा जोरों पर है। शबाना मौजूदा समय में ब्रिटेन की होम सेक्रेटरी हैं। अगर शबाना को प्रधानमंत्री बनाया जाता है वो ब्रिटेन की पहली महिला पीएम होंगी।
45 वर्षीय शबाना महमूद का नाम लेबर पार्टी की मजबूत नेताओं में लिया जाता है। 1980 में बर्मिंघम में जन्मीं शबाना र्मिंघम लेडीवुड सीट से लेबर पार्टी की सांसद हैं। शबाना महमूद साल 2010 में पहली बार ब्रिटेन की सांसद चुनी गई थीं। राजनीति के अलावा वो पेशे से एक वकील हैं। शबाना ने साल 2002 में ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के लिंकन कॉलेज से लॉ की डिग्री ली थी। इसके बाद साल 2003 में उन्होंने इनस ऑफ कोर्ट स्कूल ऑफ लॉ से बार वोकेशनल कोर्स किया और बैरिस्टर बनीं। शबाना की फैमिली का ताल्लुक पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) से है।
कीर स्टार्मर पर क्या हैं आरोप?
एपस्टीन फाइल्स में हालांकि कीर स्टार्मर का नाम डायरेक्ट नहीं है मगर अप्रत्यक्ष रूप से आरोप गंभीर हैं। एपस्टीन फाइल्स में दावा किया गया है कि कीर स्टार्मर ने पीटर मैंडेलसन को 2024 में अमेरिका में ब्रिटेन का राजदूत नियुक्त किया था जबकि उसके संबंध जेफरी एपस्टीन से थे। हालांकि पीटर मैंडेलसन की नियुक्ति की सलाह सीडीएस मॉर्गन मैकस्वीनी ने दी थी और उन्होंने इसकी जिम्मेदारी लेते हुए पहले ही इस्तीफा दे दिया है। वहीं पीटर मैंडेलसन ने भी लेबर पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। जबकि कीर स्टॉर्मर के कम्युनिकेशन डायरेक्टर टिम एलन ने भी रिजाइन कर दिया है।
