ईरान के हमले में तेल टैंकर के कैप्टन समेत दो भारतीयों की गई जान, ओमान तट पर खड़ा था स्काइलाइट जहाज
नई दिल्ली। अमेरिका और इजरायल से युद्ध लड़ रहे ईरान के हमले से दो भारतीयों की जान गई है। ईरान ने 1 मार्च को ओमान की खाड़ी में स्काइलाइट नाम के तेल टैंकर जहाज पर हमला किया था। ईरान के इस हमले में तेल टैंकर जहाज के कैप्टन समेत दो भारतीयों को जान गंवानी पड़ी है। बिहार के बेतिया के निवासी आशीष कुमार जहाज पर कैप्टन थे। जबकि, राजस्थान के नागौर निवासी दलीप की भी जान गई है। दलीप का शव अभी नहीं मिल सका है। वहीं, आशीष कुमार का शव मिला है। वो भी हमले के बाद लापता बताए जा रहे थे। ईरान अब तक कई मर्चेंट नेवी जहाजों पर हमले कर चुका है।
स्काइलाइट के कैप्टन आशीष कुमार और दलीप लंबे वक्त से जहाज पर काम कर रहे थे। ईरान की मिसाइल उनके स्काइलाइट तेल टैंकर जहाज पर गिरी थी। जिस वक्त ईरान ने तेल टैंकर पर हमला किया, उस वक्त जहाज ओमान के खासब तट के पास रुका हुआ था। जहाज के अन्य नाविक दल को बचा लिया गया था, लेकिन हमले के वक्त जहाज के इंजन रूम में रहे आशीष कुमार और दलीप को बचाया नहीं जा सका। ईरान के इस हमले की ओमान ने निंदा की थी। क्योंकि जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य पार नहीं कर रहा था। वो ओमान की जल सीमा में था। दोनों निर्दोष भारतीय नाविकों की मौत के बाद ईरान अब सवालों के घेरे में आ गया है।
ईरान ने अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने का एलान किया था। ईरान ने धमकी दी है कि अगर किसी भी जहाज ने होर्मुज जलडमरूमध्य पार करने की कोशिश की, तो उसे हमला कर डुबो दिया जाएगा। होर्मुज के पास भारत के भी 35 जहाज फंसे हुए हैं। इन जहाजों के मालिकों ने भारत सरकार से मदद की गुहार लगाई है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी नौसेना को आदेश दिया है कि वो होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षा देकर जहाजों को वहां से निकाले। ताकि दुनिया के बाकी देशों को ईंधन मिल सके और उनकी ऊर्जा सुरक्षा खतरे में न पड़े।
