स्कूल बंद…सरकारी वाहनों के तेल भत्ते और कर्मचारियों की सैलरी में कटौती, ईरान युद्ध से पाकिस्तान का निकला तेल!
इस्लामाबाद। ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल की जंग के कारण होर्मुज स्ट्रेट से कच्चा तेल और एलएनजी आना बंद हो गया है। जिसकी वजह से बहुत सारे देशों को दिक्कत हो रही है, लेकिन पाकिस्तान का तो तेल ही निकल गया है! पाकिस्तान में कच्चे तेल की स्थिति बहुत गंभीर है। पेट्रोल पंपों पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग रही हैं। पाकिस्तान सरकार ने पहले ही पेट्रोल और डीजल की कीमत में 55 रुपए प्रति लीटर का इजाफा किया था। अब पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ ने तेल बचाने के लिए सख्त कदमों का एलान किया है।
पीएम शहबाज शरीफ ने नेशनल टीवी पर जनता को संबोधित करते हुए कहा कि ऊर्जा संकट अब देश के लिए नई मुश्किल बना गया है। शहबाज ने कहा कि वो नहीं चाहते कि पेट्रोल और डीजल की कीमत और बढ़े, क्योंकि इससे लोगों पर असर होगा। शहबाज शरीफ ने कहा कि ऐसे में पाकिस्तान में बैंकों को छोड़ अन्य सरकारी दफ्तरों में हफ्ते में सिर्फ चार दिन ही काम होगा। आधे सरकारी कर्मचारियों को घर से काम करने के लिए कहा गया है। इसके अलावा स्कूलों को दो हफ्ते के लिए बंद कर ऑनलाइन पढ़ाई कराने के आदेश दिए गए हैं। शहबाज शरीफ ने कहा कि एंबुलेंस और आम परिवहन छोड़कर बाकी सरकारी वाहनों के लिए ईंधन भत्ता अगले दो महीने तक 50 फीसदी घटाया गया है।
इसके अलावा शहबाज शरीफ सरकार ने ये फैसला किया है कि अगले दो महीने तक पाकिस्तान सरकार के कर्मचारियों को 25 फीसदी कम तनख्वाह दी जाएगी। इसके अलावा विदेश यात्रा में कमी और उपकरणों की खरीद पर रोक का भी फैसला हुआ है। सरकारी डिनर और इफ्तार पार्टियों पर भी पाकिस्तान सरकार ने रोक लगाई है। वहीं, सरकारी सेमीनार और सम्मेलन भी अब होटलों की जगह सरकारी परिसरों में होंगे। दरअसल, पाकिस्तान की हालत उस भिखारी जैसी है, जो बातें चाहे कितनी बड़ी करे, लेकिन दिन भर कटोरा लेकर इधर से उधर घूमता है और फिर चंद रुपए पाने के बाद अपनी पेट की आग शांत करता है। पाकिस्तान का रोजमर्रा का काम आईएमएफ और वर्ल्ड बैंक से लिए कर्ज से चल रहा है। ऐसे में उसके खजाने में विदेशी मुद्रा इतनी ही है कि एक-डेढ़ महीने का काम चल जाए।
