डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका में नई रिफायनरी का एलान किया, 300 अरब डॉलर के प्रोजेक्ट में मुकेश अंबानी की रिलायंस भी भागीदार
वॉशिंगटन। भारत के मशहूर कारोबारी मुकेश अंबानी पिछले साल कतर की राजधानी दोहा जाकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिले थे। इसके अलावा भी ट्रंप और अंबानी के बीच मुलाकातें होती रही हैं। तमाम लोग शायद ये सोचते रहे होंगे कि आखिर मुकेश अंबानी और ट्रंप के बीच इतनी करीबी क्यों है? अब इसकी जानकारी सामने आ गई है। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ के जरिए बताया है कि अमेरिका में 50 साल बाद रिफायनरी बनने जा रही है। जिसमें मुकेश अंबानी की रिलायंस निवेश करेगी।
ट्रंप ने बताया है कि ये रिफायनरी अमेरिका के टेक्सास राज्य के पोर्ट ऑफ ब्राउन्सविले में बनेगी। इस प्रोजेक्ट पर 300 अरब डॉलर खर्च होगा। ट्रंप ने इस रिफायनरी प्रोजेक्ट को अमेरिका के इतिहास में सबसे बड़ा निवेश और सौदा बताया। ट्रंप ने लिखा है कि रिफायनरी को अमेरिका फर्स्ट रिफायनिंग बनाएगी। ट्रंप ने लिखा कि वो भारतीय मित्रों को धन्यवाद देते हैं और इसके बाद जानकारी दी है कि मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस भी अमेरिका की रिफायनरी में निवेश करने वाली है। अमेरिका के टेक्सास में कच्चा तेल निकलता है। पोर्ट ऑफ ब्राउन्सविले प्रमुख बंदरगाह है। नई रिफायनरी बनने से अमेरिका अपने कच्चे तेल से प्रोडक्ट बनाकर दुनिया के बाजारों में बेच सकेगा।
टेक्सास में नई रिफायनरी बनने से वहां तमाम लोगों को रोजगार के साधन मिलेंगे। साथ ही अन्य कारोबार को भी फलने-फूलने का मौका मिलेगा। अमेरिका में काफी कच्चा तेल होता है, लेकिन वहां रिफायनरी कम हैं। ट्रंप ने इस प्रोजेक्ट को बहुत अहम बताया है। वजह ये है कि अपने दूसरे कार्यकाल में ट्रंप लगातार अमेरिका फर्स्ट की नीति पर चलते रहने की बात करते रहे हैं। अभी ये जानकारी नहीं आई है कि 300 अरब डॉलर की रिफायनरी बनाने में मुकेश अंबानी की रिलायंस की भागीदारी कितनी होगी। बता दें कि रिलायंस की एक रिफायनरी गुजरात के जामनगर में है। जो दुनिया की सबसे बड़ी रिफायनरी है। यहां कच्चे तेल से पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस वगैरा निकालकर रिलायंस निर्यात करती है।
