लैंड फॉर जॉब घोटाला मामले में लालू यादव को फिर झटका, दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका
नई दिल्ली। लैंड फॉर जॉब घोटाला मामले में आरजेडी नेता और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को एक बार फिर झटका लगा है। दिल्ली हाईकोर्ट ने लालू यादव की उस खारिज को खारिज कर दिया है जो जिसमें उन्होंने सीबीआई की ओर दर्ज एफआईआर को रद्द किए जाने की मांग की थी। लाइव लॉ की खबर के अनुसार न्यायमूर्ति रविंदर दुडेजा ने सीबीआई की एफआईआर और आरोपपत्रों पर संज्ञान लेने वाले निचली अदालत के आदेशों को रद्द करने से इनकार कर दिया है। जज ने कहा कि याचिका में कोई दम नहीं है, इसलिए इसे खारिज कर दिया।
अभी एक दिन पहले ही लालू यादव की पत्नी राबड़ी देवी जो खुद भी इस मामले में आरोपी हैं उनकी याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने सीबीआई को नोटिस जारी किया है। दरअसल, राबड़ी देवी ने ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। इसमें उन्होंने कहा है कि अभियोजन पक्ष द्वारा जिन दस्तावेजों पर भरोसा नहीं किया गया था, उन्हें उपलब्ध कराने से निचली अदालत ने इनकार कर दिया गया। जस्टिस मनोज जैन की एकल-न्यायाधीश पीठ ने सीबीआई से जवाब मांगते हुए केस की अगली सुनवाई के लिए 1 अप्रैल की तारीख सुनिश्चित की है।
इस मामले में लालू यादव की तरफ से पूर्व में दर्ज एक याचिका में कोर्ट में तर्क दिया गया था मामले में निष्पक्ष जांच के उनके मौलिक अधिकार का उल्लंघन करते हुए उन्हें गैरकानूनी मकसद से की गई जांच का सामना करना पड़ रहा है। इसी के साथ उन्होंने निचली अदालत की कार्यवाही पर रोक लगाने की हाईकोर्ट से गुजारिश की थी। मगर पिछले साल मई में न्यायाधीश ने निचली अदालत की कार्यवाही पर रोक लगाने के लिए कोई ठोस कारण न पाते हुए इसमें दखल देने से इनकार कर दिया था। यह मामला यूपीए सरकार के कार्यकाल का है जब लालू यादव केंद्रीय रेल मंत्री थे। इसमें रेलवे ग्रुप डी की भर्ती के लिए युवाओं को नौकरी देने के बदले उनकी जमीन सस्ते दामों पर लेने का आरोप है। इसमें लालू, राबड़ी के अलावा उनके दोनों बेटे तेज प्रताप और तेजस्वी यादव, दो बेटियां मीसा भारती और हेमा यादव आरोपी हैं।
