राघव चड्ढा को आप ने राज्यसभा उपनेता के पद से हटाया, अशोक मित्तल को सौंपी गई जिम्मेदारी
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी ने अपने सांसद राघव चड्ढा को राज्यसभा के उपनेता पद से हटा दिया है। इतना ही नहीं आप की ओर से राज्यसभा सचिवालय को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि राघव चड्ढा को सदन में पार्टी के नेता के तौर पर बोलने का मौका ना दिया जाए। आम आदमी पार्टी ने अब डॉ. अशोक मित्तल को राज्यसभा में उपनेता बनाया है। अशोक मित्तल पंजाब से आप पार्टी के राज्यसभा सांसद हैं। राघव चड्ढा को ऐसे समय पर हटाया गया है जब कुछ समय से उनके और आम आदमी पार्टी के बीच मतभेद की अटकलें लगाई जा रही थीं।
आप की ओर से हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि राघव चड्ढा को हटाने के पीछे कारण क्या था लेकिन ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि अनुशासनहीनता और पार्टी लाइन का पालन न करने के कारण लिया गया हो सकता है। राघव चड्ढा पर पार्टी लाइन से अलग बयान देने के आरोप लग रहे हैं।
राघव चड्ढा को असम चुनाव के लिए पार्टी के स्टार प्रचारकों की सूची से भी बाहर रखा गया था। दिल्ली शराब घोटाले में अरविंद केजरीवाल और पार्टी के अन्य नेताओं की गिरफ्तारी से लेकर उनके बरी होने तक राघव चड्ढा ने कोई खास स्टैंड नहीं लिया इसको लेकर भी उन पर सवाल उठ रहे थे। राघव चड्ढा साल 2022 में मात्र 33 साल की आयु में सबसे कम उम्र के राज्यसभा सांसद बने थे। राघव चड्ढा ने पार्टी के संसदीय और संगठनात्मक मामलों में अहम भूमिका निभाई है। बता दें कि राज्यसभा में इस वक्त आम आदमी पार्टी के कुल 10 सदस्य हैं, जिनमें से 7 पंजाब और 3 दिल्ली से हैं।
कौन हैं अशोक मित्तल?
अशोक मित्तल का नाम देश के प्रतिष्ठित शिक्षाविदों में लिया जाता है। वो प्रख्यात ‘लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी’ (LPU) के चांसलर भी हैं। मित्तल अप्रैल 2022 में राज्यसभा सांसद बने थे। रक्षा समिति, वित्त समिति समेत कई संसदीय समितियों के वह सदस्य रह चुके हैं।
