ब्रिटिश मौलाना शमसुल हुदा खान का मदरसा ध्वस्त, संतकबीरनगर प्रशासन ने किया बुलडोजर एक्शन
संतकबीरनगर। यूपी के संतकबीरनगर में ब्रिटिश मौलाना शमसुल हुदा खान के मदरसे को प्रशासन ने रविवार को बुलडोजरों से गिरा दिया। प्रशासन ने बड़ी तादाद में पुलिस तैनात की। जिसके बाद दो बुलडोजर लाकर मौलाना शमसुल हुदा खान के मदरसे को गिराने की कार्रवाई की गई। ब्रिटिश मौलाना के मदरसे पर बुलडोजर कार्रवाई के दौरान खलीलाबाद के एसडीएम हृदयराम तिवारी, मेंहदावल के एसडीएम अरुण कुमार मौजूद थे। शमसुल हुदा खान के खिलाफ ईडी ने भी मनी लॉन्ड्रिंग की जांच की थी।
मौलाना शमसुल हुदा खान का मदरसा खलीलाबाद के गोश्तमंडी इलाके में था। मौलाना ने मदरसा ध्वस्त किए जाने के आदेश के खिलाफ याचिका दाखिल की थी, जिसे कमिश्नर कोर्ट ने शनिवार को खारिज कर दिया था। इससे पहले संतकबीरनगर के डीएम कोर्ट ने भी ब्रिटिश मौलाना शमसुल हुदा के मदरसे को ध्वस्त करने के आदेश को सही ठहराया था। प्रशासन ने पहले ही शमसुल के मदरसे को सील कर जमीन को यूपी सरकार के खाते में दर्ज कर दिया था। इस मदरसे की मान्यता निलंबित की गई थी। जिसके बाद एसडीएम कोर्ट ने इसे ध्वस्त करने का आदेश जारी किया था। जिसके खिलाफ मौलाना शमसुल हुदा खान ने डीएम कोर्ट में अपील की थी। तमाम तथ्यों पर गौर करने के बाद डीएम कोर्ट ने भी ध्वस्तीकरण को मंजूरी दी थी।
जानकारी के मुताबिक मौलान शमसुल हुदा खान दुधारा क्षेत्र के देवरिया लाल गांव का निवासी था। वो पहले आजमगढ़ के एक मदरसे में पढ़ाता था। जानकारी के मुताबिक धार्मिक कार्य की आड़ में मौलाना शमसुल हुदा खान विदेश यात्राएं भी करता रहा। फिर वो ब्रिटेन चला गया। जहां साल 2013 में मौलाना शमसुल हुदा खान ने ब्रिटिश नागरिकता ले ली। मौलाना शमसुल पर ये आरोप भी है कि उसने एनजीओ के जरिए विदेश से धन हासिल किया। फिर साल 2017 और 2018 में संतकबीरनगर में पत्नी समेत रिश्तेदारों के नाम से जमीनें खरीदीं। इसके अलावा इस रकम से खलीलाबाद के गोश्तमंडी इलाके में मदरसा बना लिया। अब मदरसा ध्वस्त हो चुका है और जमीन यूपी सरकार के कब्जे में चली गई है।
