‘पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे’, सुरक्षा परिषद में भारत का एलान
न्यूयॉर्क। भारत ने एक बार फिर साफ किया है कि वो पाकिस्तान की ओर से प्रायोजित सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा। भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के मंच से पाकिस्तान को चेतावनी भी दी है कि उसे आतंकवाद प्रायोजित करने का नतीजा भुगतना होगा। भारत ने पाकिस्तान से कहा कि वो हर तरह के आतंकवाद को समर्थन देना बंद करे। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी.हरीश ने कहा कि सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई और अपने बचाव का भारत को पूरा हक है। उन्होंने सुरक्षा परिषद से भी जीवित होने का आग्रह किया।
भारतीय प्रतिनिधि से पहले पाकिस्तान के आसिम इफ्तिखार अहमद ने भारत विरोधी बयान दिया था। इस पर पी. हरीश ने कहा कि पाकिस्तान की ओर से सीमापार आतंकवाद फैलाना उसके खोखले बयानों की हकीकत सामने लाता है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की भारत विरोधी बयानबाजी, आतंकवाद फैलाना और धार्मिक उग्रवाद 1947 में उसके बनने के बाद से ही जारी है। पाकिस्तानी प्रतिनिधि के ये कहने की कश्मीर मुद्दा सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के तहत हल नहीं हुआ पर पी. हरीश ने साफ किया कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग बन गया। जम्मू-कश्मीर का भारत में पूरा, कानूनी और बदलाव न हो सकने वाला विलय हुआ। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने कई बार युद्ध किया और सीमा पार से आतंकवाद प्रायोजित किया। जो भारत की संप्रभुता का उल्लंघन है।
भारतीय प्रतिनिधि पी. हरीश ने साफ कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का 21 अप्रैल 1948 का प्रस्ताव नंबर 47 साफ कहता है कि पाकिस्तान को कश्मीर से अपने सैनिक वापस बुलाने होंगे। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने इस प्रस्ताव का पालन नहीं किया। इससे पहले भी भारत ने कई बार संयुक्त राष्ट्र महासभा और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पाकिस्तान को धोया है, लेकिन पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी बेइज्जती कराने के लिए भारत विरोधी बयानबाजी और जम्म-कश्मीर का मुद्दा उठाता रहता है। भारत ने पिछले साल ही ऑपरेशन सिंदूर चलाकर पाकिस्तान को घुटनों पर ला दिया था, लेकिन वहां के नेता और सेना के अफसर अब भी भारत को गीदड़भभकी देते रहते हैं। पाकिस्तान अब तक भारत से 5 युद्ध और सैन्य संघर्ष कर चुका है। इन सभी में उसे पराजय मिली है।
