राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले के आरोपियों का केस नहीं लड़ेगा कोई वकील, बार एसोसिएशन की बैठक में फैसला
नई दिल्ली। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में गिरफ्तार 8 नामजद आरोपियों के खिलाफ अयोध्या के वकील एकजुट हो गए हैं और कोई भी उनका केस लड़ने को तैयार नहीं है। अयोध्या (फैजाबाद) बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद की अध्यक्षता हुई बैठक में सर्वसम्मति से यह फैसला लिया गया कि कोई भी वकील इन आरोपियों की पैरवी नहीं करेगा। वकीलों के इस फैसले के आरोपियों के सामने अब एक नई परेशानी खड़ी हो गई है। पुलिस आज सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश करेगी। इससे पहले 26 जून को इन आरोपियों को स्पेशल रिमांड मजिस्ट्रेट निवेदिता सिंह ने तीन दिन के लिए न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा था।
वहीं श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अगली बैठक 11 जुलाई को होने की संभावना है और उस बैठक में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय तथा सदस्य अनिल मिश्रा के इस्तीफे के संबंध में निर्णय लिया जाएगा। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंददेव गिरि ने महासचिव चंपत राय व सदस्य अनिल मिश्रा के इस्तीफे की खबर की पुष्टि की थी और उन्होंने ही यह बताया था अगली बैठक में इस बाबत अंतिम निर्णय लिया जाएगा। वहीं ट्रस्ट को दान में दी गई चांदी की ईंटों और अन्य आभूषणों के संबंध में पिछले कुछ दिनों से मीडिया में चल रही खबरों का संज्ञान लेते हुए कोषाध्यक्ष गोविंददेव गिरि ने बताया था कि वो न्यास के पास सुरक्षित और हिसाब-सहित उपलब्ध है।
बता दें कि एसआईटी रिपोर्ट और ट्रस्ट की शिकायत के आधार पर पुलिस ने चंपत राय के ड्राइवर रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, पूर्व बैंक कर्मचारी सुभाष चंद्र श्रीवास्तव, करुणेश पांडेय, लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा, रमाशंकर मिश्रा, मनीष यादव और अविनाश शुक्ला को गिरफ्तार किया गया है। यह सभी मंदिर के दान पात्रों की देखरेख और चढ़ावे की गिनती संबंधी काम से जुड़े हुए थे। पुलिस ने इन आरोपियों के पास से 79 लाख 85 हजार रुपए की बरामदगी भी की है।
