राम मंदिर ट्रस्ट का सीईओ बनने के लिए आवेदनों की भरमार, जानिए विज्ञापन जारी होने के 24 घंटे में ही कितने लोगों ने जताई इच्छा
अयोध्या। राम मंदिर ट्रस्ट ने चंदा चोरी की घटना के बाद अपने कामकाज में बड़े बदलाव की तैयारी के तहत सीईओ रखने का फैसला किया है। इसके लिए राम मंदिर ट्रस्ट ने विज्ञापन निकाला है। राम मंदिर ट्रस्ट के सीईओ के लिए आवेदन करने की आखिरी तारीख 18 जुलाई है। वहीं, राम मंदिर ट्रस्ट के सीईओ पद के लिए विज्ञापन जारी होने के महज 24 घंटे में ही 1000 से ज्यादा आवेदन आ चुके हैं। आवेदन करने वालों में बड़ी तादाद वरिष्ठ पद पर रहे रिटायर्ड अफसरों की है।
राम मंदिर ट्रस्ट ने रिटायर्ड जस्टिस प्रमोद कोहली, रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और प्रसिद्ध वैज्ञानिक सुरेश तावड़े की कमेटी बनाई है। ये कमेटी सीईओ पद के लिए आवेदनों की छंटनी करेगी। न्यूज चैनल आजतक के मुताबिक राम मंदिर ट्रस्ट के सीईओ पद के लिए आए आवेदनों की छंटनी के लिए कमेटी सचिव नियुक्त करेगी। कमेटी की 19 जुलाई को बैठक होगी। जिसमें आवेदनों की जांच के साथ आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी। जिसके बाद 22 जुलाई को ट्रस्ट की बैठक में कमेटी अपनी रिपोर्ट देगी। राम मंदिर ट्रस्ट के सीईओ के चुनाव के लिए योग्य लोगों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा।
राम मंदिर ट्रस्ट ने सीईओ पद के लिए दिए विज्ञापन में कहा है कि इस पद के आवेदक की उम्र 50 से 70 साल के बीच होनी चाहिए। राम मंदिर ट्रस्ट के सीईओ को आस्थावान हिंदू होना होगा। इस पद के लिए हिंदी और अंग्रेजी भाषा का अच्छा ज्ञान भी जरूरी है। साथ ही कम से कम 20 साल का प्रशासनिक अनुभव भी राम मंदिर ट्रस्ट के सीईओ के लिए जरूरी किया गया है। राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव को सीईओ रिपोर्ट करेगा। राम मंदिर के रोजमर्रा के काम के साथ ही ट्रस्ट की ओर से बताए गए अन्य काम भी सीईओ को करने होंगे। अब तक राम मंदिर का सारा काम ट्रस्ट के लोग ही करते रहे हैं। वहीं, महासचिव पद पर रहे चंपत राय बड़े फैसले लेते थे। राम मंदिर में चंदा चोरी का मामला उजागर होने के बाद चंपत राय और एक अन्य ट्रस्टी अनिल मिश्र ने इस्तीफा दिया है।
