होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर भारतीय नाविक तैनात नहीं होंगे, डीजीएमए ने जारी की एडवाइजरी
नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच जमकर युद्ध चल रहा है। इस युद्ध के दौरान ईरान ने होर्मुज से गुजर रहे जहाजों पर भी हमले किए हैं। ईरान के इन हमलों में एक दर्जन से ज्यादा भारतीय नाविकों को भी जान गंवानी पड़ी है। भारत ने ईरान को जहाजों पर हमले रोकने के लिए कहा है। साथ ही अब जहाजरानी महानिदेशालय (डीजीएमए) ने भारतीय नाविकों की सुरक्षा के मद्देनजर अहम एडवाइजरी जारी की है।
डीजीएमए ने सभी जहाजों की मालिक कंपनियों, जहाजों के मैनेजर और आरपीएसएल कंपनियों से कहा है कि अगले आदेश से पहले होर्मुज से आने-जाने वाले जहाजों पर भारतीय नाविकों को तैनात न किया जाए। इसके अलावा फारस की खाड़ी के इलाके में सतर्कता बढ़ाने के लिए भी डीजीएमए ने कहा है। ताकि जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। डीजीएमए ने एडवाइजरी में कहा है कि खाड़ी इलाके में सुरक्षा के हालात गंभीर होने के कारण ये कदम हर हाल में उठाए जाने चाहिए। इसके अलावा डीजीएमए ने तय किया है कि जहाजों के आने-जाने संबंधी चेतावनियों और एडवाइजरी लागू करने के उनके कदमों की निगरानी होती रहेगी।
डीजीएमए ने एडवाइजरी में कहा है कि अंतरराष्ट्रीय जहाज और पोर्ट सुविधा सुरक्षा संहिता यानी आईएसपीएस कोड को सख्ती से लागू किया जाए। आपातकालीन स्थिति होने पर इन्फॉर्मेशन फ्यूजन सेंटर और डीजी कम्युनिकेशन सेंटर को सूचना दी जाए। ताकि तुरंत प्रभावित जहाज की मदद की व्यवस्था की जा सके। बता दें कि भारतीय नौसेना भी अरब सागर इलाके में तैनात है। ताकि होर्मुज के इलाके से भारत आ रहे जहाजों को पूरी सुरक्षा देकर बंदरगाहों तक पहुंचाया जा सके। भारत के अब भी 9 जहाज होर्मुज के पूर्व और पश्चिम में फंसे हैं। इनकी भी सुरक्षित वापसी की हर संभव कोशिश सरकार कर रही है। ईरान ने साफ कहा है कि अमेरिका जब तक शर्तें नहीं मानता और जहाज उसके बताए रास्ते से नहीं गुजरते, वो होर्मुज को नहीं खोलने वाला। इसी वजह से अमेरिका लगातार ईरान पर हमले कर रहा है। जिसके जवाब में ईरान भी मिसाइलों और ड्रोन से अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बना रहा है।
