खड़गे के जन्मदिन से शुरू हुआ सियासी शक्ति प्रदर्शन, पीएम आवास तक पहुंचा विपक्ष; दिल्ली की सत्ता के गलियारों में मचा हड़कंप
रविन्द्र बंसल-
नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष एवं राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के जन्मदिन पर मंगलवार को दिल्ली की राजनीति ने ऐसा घटनाक्रम देखा, जिसने सत्ता और विपक्ष के बीच टकराव को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया। खड़गे को जन्मदिन की शुभकामनाएं देने के लिए उनके सरकारी आवास पर कांग्रेस और विपक्षी दलों के सांसदों तथा वरिष्ठ नेताओं का जमावड़ा लगा। लेकिन जन्मदिन का यह कार्यक्रम कुछ ही देर में केंद्र सरकार के खिलाफ बड़े राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन में बदल गया।
बताया जाता है कि नेताओं ने अचानक प्रधानमंत्री आवास की ओर कूच कर दिया। जब तक सुरक्षा एजेंसियां और दिल्ली पुलिस पूरे घटनाक्रम का आकलन कर अतिरिक्त सुरक्षा घेरा तैयार कर पातीं, तब तक राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, मल्लिकार्जुन खड़गे, अखिलेश यादव सहित कई वरिष्ठ नेता लोक कल्याण मार्ग स्थित प्रधानमंत्री आवास के निकट पहुंच चुके थे। वहां विपक्षी नेता सड़क पर धरने पर बैठ गए और केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी।
पीएम आवास के बाहर सियासी टकराव, पुलिस ने संभाला मोर्चा
देश के सबसे सुरक्षित क्षेत्रों में शामिल प्रधानमंत्री आवास के बाहर अचानक विपक्ष के शीर्ष नेताओं के धरने से सुरक्षा एजेंसियों में हलचल मच गई। दिल्ली पुलिस ने तत्काल अतिरिक्त बल तैनात किया और प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। काफी देर तक चली नारेबाजी और गतिरोध के बाद पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव, मल्लिकार्जुन खड़गे तथा अन्य नेताओं को हिरासत में लेकर पुलिस वाहनों से वहां से हटाया।
इस दौरान कई स्थानों पर धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस ने विपक्षी नेताओं के साथ अनावश्यक कठोरता बरती और उन्हें जबरन उठाकर वाहनों में बैठाया।
राहुल गांधी से अभद्रता के आरोप, लेकिन आधिकारिक पुष्टि नहीं
घटनाक्रम के बाद सोशल मीडिया पर राहुल गांधी के साथ हाथापाई और थप्पड़ मारे जाने जैसे दावे तेजी से प्रसारित हुए। कांग्रेस नेताओं ने भी पुलिस के व्यवहार पर गंभीर सवाल उठाए। हालांकि, उपलब्ध आधिकारिक जानकारी और प्रमुख विश्वसनीय समाचार स्रोतों के आधार पर इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इन्हें स्थापित तथ्य के रूप में नहीं कहा जा सकता।
विपक्ष का सीधा हमला—’लोकतंत्र की आवाज दबाई जा रही’
विपक्ष का आरोप है कि छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध को दबाने के लिए सरकार ने पुलिस का इस्तेमाल किया और लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन किया। कांग्रेस ने कहा कि छात्रों के मुद्दों का समाधान करने के बजाय सरकार विरोध की आवाज को कुचलने का प्रयास कर रही है।
पुलिस का पक्ष—सुरक्षा से कोई समझौता नहीं
दिल्ली पुलिस का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास उच्च सुरक्षा क्षेत्र है। बिना अनुमति वहां प्रदर्शन की इजाजत नहीं दी जा सकती। कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए नेताओं को हिरासत में लेकर वहां से हटाया गया।
सियासी संदेश साफ—संसद के साथ अब सड़क पर भी आर-पार की लड़ाई
मानसून सत्र के बीच हुए इस घटनाक्रम ने संकेत दे दिए हैं कि विपक्ष अब सरकार को केवल संसद के भीतर ही नहीं, बल्कि सड़क पर भी खुली चुनौती देने की रणनीति पर आगे बढ़ रहा है। खड़गे के जन्मदिन पर शुरू हुआ यह शक्ति प्रदर्शन कुछ ही घंटों में राष्ट्रीय राजनीति का सबसे बड़ा घटनाक्रम बन गया। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर संसद के भीतर तीखी बहस और बाहर व्यापक राजनीतिक आंदोलन देखने को मिल सकता है।
