मध्य प्रदेश विधानसभा में यूसीसी विधेयक पास, उत्तराखंड, गुजरात और असम के बाद बिल पारित करने वाला चौथा राज्य, जानिए इसके प्रावधान
नई दिल्ली। मध्य प्रदेश विधानसभा में आज समान नागरिक संहिता विधेयक (यूसीसी) पास हो गया। बिल पर चर्चा के दौरान विपक्ष ने काफी हंगामा किया। मुख्यमंत्री मोहन यादव के भाषण के दौरान भी विपक्ष ने व्यवधान उत्पन्न करने का प्रयास किया और नारेबाजी की। वहीं सीएम ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए तुष्टिकरण और मुस्लिम वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाया। अब मध्य प्रदेश देश का चौथा राज्य बन गया है जहां विधानसभा में यूसीसी बिल पारित हुआ है। इससे पहले उत्तराखंड, गुजरात और असम में यूनिफॉर्म सिविल कोड बिल पास हो चुका है।
इस बिल के कानून बनने के बाद हर धर्म के लोगों के लिए सिर्फ एक ही शादी की अनुमति होगी। इसके अलावा लिव इन रिलेशनशिप और तलाक के नियम भी बदल जाएंगे। सीएम मोहन यादव ने बताया कि राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद हमारा राज्य उस श्रेणी में खड़ा होगा जहां एक से ज्यादा विवाह करना अपराध होगा। एक से ज्यादा विवाह करने पर बहनों को जो कष्ट होता है उस कष्ट से मुक्ति दिलाकर हमारी प्रदेश की आधी आबादी को उनके हक का समर्थन सरकार के माध्यम से होगा। विवाह के अलावा उत्तराधिकार के मामले में पुरुषों के बराबर ही महिलाओं को अधिकार मिलेंगे। विवाहेत्तर संबंध बनाने के लिए लिव इन रिलेशन का दुरुपयोग करने वालों को जेल भेजा जाएगा। लिव इन में रहने वालों को रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा।
एक समान नागरिक कानून के तहत सभी धर्मों में अब तलाक की व्यवस्था एक जैसी होगी। सीएम ने कहा कि इससे सबसे ज्यादा लाभ मुसलिम बहनों को होगा। मुस्लिम महिलाओं को हलाला आदि की दुष्प्रथा से मुक्ति मिलेगी। यही कारण है कि इस बिल का बड़ी संख्या में मुसलिम महिलाओं ने समर्थन किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राम, रहीम और रॉबिन सबके लिए एक कानून लागू होगा।
