एग्जाम कंट्रोलर पर गाज, सीएम सम्राट चौधरी ने सस्पेंड करने का दिया निर्देश, विवादित बयान पर हुई कार्रवाई
नई दिल्ली। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) के एग्जाम कंट्रोलर राजेश कुमार सिंह को सस्पेंड करने का निर्देश मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जारी किया है। यह कार्रवाई राजेश कुमार सिंह के एक विवादित बयान के संदर्भ में हुई है। दरअसल, सिंह ने BPSC अभ्यर्थियों के मुद्दे पर आज एक प्रेस कांफ्रेंस की थी। इसमें एक पत्रकार ने सिंह से आंदोलनरत छात्रों के द्वारा लगाए जा रहे आरोपों पर सवाल किया जिसके जवाब में उन्होंने कहा, हाथी चले बाजार, कुत्ता भौंके हजार’…। BPSC परीक्षा नियंत्रक का यह बयान देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और कुछ दी घंटों के बाद सरकार की ओर से उनका सस्पेंशन ऑर्डर जारी हो गया।
हालांकि वीडियो वायरल होने और बयान को लेकर विवाद शुरू होने के बाद राजेश कुमार सिंह की ओर से सफाई देते हुए खेद व्यक्त किया गया था। उन्होंने कहा था कि छात्रों के मुद्दे पर की गई प्रेस कांफ्रेंस में मैंने एक लोकोक्ति का जिक्र किया था जिसको सोशल मीडिया पर अन्य संदर्भ में तोड़ मरोड़कर पेश किया जा रहा है। मैं कहना चाहता हूं कि मेरा किसी व्यक्ति विशेष या समूह को ठेस पहुंचाने का कोई इरादा नहीं था। अगर किसी की भावनाएं इससे आहत हुई हैं तो मैं इसके लिए खेद व्यक्त करता हूं।
बिहार में BPSC (TRE) 4.0 और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के छात्र पटना के गर्दनीबाग में प्रदर्शन कर रहे हैं। अभ्यर्थियों की मांग है कि TRE-4 परीक्षा दो नहीं बल्कि सिर्फ एक ही चरण में कराई जाए और माइनस मार्किंग को खत्म किया जाए। रिक्त पड़े पदों के हिसाब से कुल सीटें बढ़ाई जाएं तथा अभ्यर्थियों को आयु सीमा में छूट मिले। जबकि आज की प्रेस कांफ्रेंस में एग्जाम कंट्रोलर राजेश कुमार सिंह ने स्पष्ट कर दिया है कि BPSC TRE-4 का आयोजन दो चरणों (प्री और मेंस) में होगा। साथ ही नेगेटिव मार्किंग लागू रहेगी।
