लखीसराय मंदिर भगदड़ हादसे की जांच के आदेश, मृतकों के परिवार के लिए मुआवजे की घोषणा
नई दिल्ली। बिहार सरकार ने लखीसराय के अशोकधाम मंदिर में भगदड़ की घटना के जांच के आदेश दे दिए हैं। सीएम सम्राट चौधरी ने इस हादसे में जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं के परिजनों के प्रति शोक संवेदना जताई है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। मुख्यमंत्री ने सभी मृतकों के निकटतम आश्रितों को राज्य सरकार की ओर से 4-4 लाख रुपए अनुग्रह अनुदान दिए जाने की घोषणा की है। सीएम ने एक्स पोस्ट पर लिखा, श्रद्धालुओं की मृत्यु की खबर से मन व्यथित है। दुःख की इस घड़ी में राज्य सरकार पूरी संवेदना और प्रतिबद्धता के साथ शोक संतप्त परिवारों के साथ खड़ी है।
सरकार के मुताबिक, जांच में घटना से संबंधित किसी भी स्तर पर कोई लापरवाही मिली पर तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों को यह निर्देश दिया है कि भगदड़ की घटना में घायल सभी श्रद्धालुओं के समुचित और त्वरित इलाज की व्यवस्था की जाए ताकि उनको या उनके परिवारीजनों को किसी प्रकार की कोई समस्या न हो। घायलों को इलाज के लिए लखीसराय सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बिहार सरकार में मंत्री विजय सिन्हा घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं।
लखीसराय के डीएम शैलेंद्र कुमार ने बताया कि अशोकधाम हॉल्ट रेलवे स्टेशन के ठीक सामने से मंदिर तक श्रद्धालुओं की लाइन लगी हुई थी। स्टेशन पर एक साथ दो ट्रेनें आ गई थीं जिसकी वजह से अत्यधिक भीड़ हो गई थी। तभी स्टेशन के पास ही बिजली का एक खंभा गिर गया। यह खंभा पुरुषों की लाइन की ओर था। खंभा गिरने पर अफवाह फैल गई कि बिजली का तार (लाइव वायर) गिर गया है, लेकिन वह केबल वायर था। इससे बाईं ओर महिलाओं की लाइन पर दबाव बन गया, इस वजह से महिलाएं एक-दूसरे के ऊपर गिर गईं और यह हादसा हो गया। दो मिनट में यह सब हो गया। अभी तक 7 श्रद्धालुओं की मौत हुई है, मरने वाली सभी महिलाएं हैं।
