‘पाकिस्तान के परमाणु हथियार भारत के हमलों से बचाने में नाकाम’, अमेरिकी संस्था ने खोली न्यूक्लियर डिटरेंस की पोल
वॉशिंगटन। पाकिस्तान के नेता आए दिन भारत को परमाणु हथियारों की धमकी देते हैं, लेकिन अमेरिका की संस्था ‘बुलेटिन ऑफ द एटॉमिक साइंटिस्ट’ ने अपनी रिपोर्ट में साफ कहा है कि पाकिस्तान के परमाणु हथियार उसे भारत के हमलों से बचाने में नाकाम है। अमेरिकी संस्था ने कहा है कि मई 2025 में भारत से हुए सैन्य संघर्ष से साफ हो गया है कि पाकिस्तान की न्यूक्लियर डिटरेंस नाकाफी है।
बुलेटिन ऑफ द एटॉमिक साइंटिस्ट की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत के ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के नेतृत्व को समझना पड़ा कि परमाणु हथियारों की भी सीमा होती है। रिपोर्ट में कहा गया कि पाकिस्तान के परमाणु हथियार संकट को नहीं रोक सके और न ही पाकिस्तान इस संघर्ष से बाहर निकलने का रास्ता तलाश सका। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत के ऑपरेशन सिंदूर के दौरान परमाणु हथियारों की मौजूदगी ने गलत आकलन और अनजाने में संघर्ष बढ़ने की आशंका के कारण पाकिस्तान के लिए विकल्प सीमित कर दिए। रिपोर्ट कहती है कि इस संघर्ष के बाद पाकिस्तान अपनी सुरक्षा नीति में पारंपरिक हथियार बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा।
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत के मिसाइल हमलों के कारण पाकिस्तान के सामने चुनौती आ गई। इसमें ये भी कहा गया है कि न्यूक्लियर डिटरेंस का सिद्धांत गलत नहीं, लेकिन ये दिखाता है कि परमाणु हथियारों को ही समाधान मानना खतरनाक हो सकता है। रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि जो देश परमाणु हथियार चाहते हैं, उनको पाकिस्तान के मामले से अनुभव लेना चाहिए।
बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सेना की कार्रवाई से पाकिस्तान के हौसले ऐसे पस्त पड़े कि वो संघर्ष विराम की गुहार लगाने लगा था। ऑपरेशन सिंदूर के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने भी साफ कह दिया कि भारत अब पाकिस्तान की परमाणु ब्लैकमेलिंग में नहीं आने वाला। वहीं, अमेरिकी संस्था की रिपोर्ट ने पाकिस्तान के परमाणु हथियार रखने के बावजूद उसकी कमियों की पोल खोल दी है।
