झारखंड के आंदोलनकारी छात्र सीबीआई जांच की मांग पर डटे, सीएम हेमंत सोरेन ने टीडीपीएल के जरिए हुई सभी परीक्षाएं रद्द कराने का किया था एलान
रांची। झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने सोमवार को एलान किया था कि टीडीपीएल के जरिए हुई सभी भर्ती परीक्षाओं के नतीजे रद्द किए जाएंगे। इसके बाद माना जा रहा था कि रांची में चल रहा छात्रों का आंदोलन भी खत्म हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। आंदोलनकारी छात्रों ने कहा है कि झारखंड सरकार ने परीक्षाओं में धांधली की सीबीआई जांच की मांग अभी नहीं मानी है। सीबीआई जांच की मांग माने जाने तक आंदोलन जारी रखने का उन्होंने एलान किया है।
रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलनकारी छात्र जुटे हुए हैं। उन्होंने अब ‘एक लड़ाई जीती है, जंग अभी बाकी है’ का नया नारा दिया है। छात्र अब ये मांग कर रहे हैं कि पूरी भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। ऐसे में हेमंत सोरेन सरकार के लिए दिक्कत अभी बरकरार दिख रही है। हालांकि, देवेंद्र प्रसाद महतो समेत अन्य छात्रों ने भूख हड़ताल खत्म कर दी है। झारखंड के आंदोलनकारी छात्र एकजुटता बनाए हुए हैं। वहीं, जिन छात्रों ने प्रतियोगी परीक्षा पास कर ज्वॉइन कर लिया था, उन्होंने अब हेमंत सोरेन सरकार से अपने भविष्य के बारे में स्पष्टता मांगी है। इससे झारखंड सरकार नए पेच में फंस सकती है।
झारखंड में छात्रों के आंदोलन को एक महीना होने को है। झारखंड लोकसेवा आयोग (जेपीएससी) परीक्षाओं में धांधली और सीट बेचे जाने का आरोप छात्र लगा रहे हैं। इस मामले में झारखंड सरकार सीआईडी जांच करा रही है। सीआईडी ने जेपीएससी के अध्यक्ष रहे एल. ख्यांग्ते समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं, जेपीएससी की सदस्य रहीं डॉ. अजीता भट्टाचार्य और डॉ. अनिमा हांसदा ने भी पद से इस्तीफा दिया है। सीआईडी ने अजीता भट्टाचार्य के पीए रहे बीएन राम को भी सोमवार को गिरफ्तार किया था। झारखंड सरकार कहती रही है कि कोर्ट के निरीक्षण में परीक्षाएं हुई थीं। इस वजह से वो सीबीआई जांच नहीं करा सकती। वहीं, तमाम छात्रों का आरोप है कि परीक्षा धांधली में जुड़े बड़े लोगों को बचाने के लिए सीबीआई जांच से इनकार किया जा रहा है।
