‘आक्रांताओं को गंभीर सजा भुगतनी होगी’, अमेरिका के ताजा हमलों के बाद ईरान की चेतावनी
तेहरान। अमेरिका ने होर्मुज में व्यावसायिक जहाज पर हमले के बाद ईरान के केश्म, चाबहार और कोनारक समेत कई जगह भारी बमबारी की है। इस पर ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए जॉर्डन और इराक समेत खाड़ी के कई देशों में अमेरिका के सैन्य अड्डों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले बोले। ईरान ने दावा किया है कि इन हमलों में अमेरिका के तमाम सैनिक मारे गए हैं। ईरान की आईआरजीसी के प्रवक्ता हुसैन मोहेबी ने चेतावनी दी है कि अमेरिका को हमले करने का पछतावा होगा। उन्होंने कहा कि आक्रांताओं को गंभीर सजा भुगतनी होगी।
ईरान की ताजा चेतावनी से साफ है कि वो अमेरिका के हमलों का सामना करने के लिए तैयार है। इससे पहले ईरान पर ताजा हमलों के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि अगर विफल राष्ट्र ईरान इस न्यायसंगत हमलों का बदला लेता है, तो उस पर और खतरनाक स्तर का हमला किया जाएगा। ट्रंप ने कहा था कि वो भी हमारा सबसे बड़ा हमला नहीं होगा। जब बड़ा हमला खत्म होगा, तो ईरान के इस्लामी शासन का बहुत कम हिस्सा ही बचेगा। ट्रंप ने ये दावा भी किया कि अमेरिका और इजरायल ने बमबारी कर ईरान को विफल राष्ट्र बना दिया है। ईरान का नेतृत्व खत्म होने, सेना की तबाही और अर्थव्यवस्था पूरी तरह बर्बाद करने का दावा भी ट्रंप ने किया।
अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड ने ईरान पर ताजा हमलों के बारे में कहा है कि हाल में होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यावसायिक जहाजों और इलाके में तैनात सैनिकों पर आईआरजीसी ने लगातार हमले की कोशिश की। जिसके जवाब में अमेरिका ने सैन्य कार्रवाई शुरू की है। इन हमलों से पहले ट्रंप ने ये दावा किया था कि अमेरिका की सेना के हमले में ईरान का खर्ग द्वीप पूरी तरह नष्ट हो गया है। बता दें कि खर्ग द्वीप पर ही ईरान के कच्चे तेल से संबंधित ज्यादातर जगह हैं। जहां से ईरान कच्चा तेल निर्यात करता रहा है। ईरान पर अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी 2026 को हमला बोला था। इस हमले में ईरान के तत्कालीन सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की भी जान गई थी। इसके बावजूद ईरान अब तक अमेरिका के खिलाफ डटा हुआ है।
