September 6, 2026

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बचपन मरने नहीं देना, किताबों और सिलेबस से आगे बढ़कर…नेशनल अवॉर्ड पाने वाले शिक्षकों को पीएम नरेंद्र मोदी का सुझाव

नई दिल्ली। शिक्षक दिवस पर नेशनल अवॉर्ड से सम्मानित होने वाले देशभर के टीचर्स से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुलाकात की। इस दौरान शिक्षकों से संवाद करते हुए बच्चों के जीवन और उनके भविष्य को लेकर कई सुझाव दिए। बच्चों को स्क्रीन टाइम और नशे से दूर रखने के लिए खेलकूद, रचनात्मक गतिविधियों और जागरूकता पर जोर दिया। पीएम ने कहा कि शिक्षकों को बच्चों में होने वाले बदलावों पर नजर रखनी चाहिए। किताबों और सिलेबस से आगे बढ़कर बच्चों की जिंदगी में घुसना पड़ेगा। बचपन मरने नहीं देना चाहिए और बचपन बनाए रखने का सबसे बड़ा काम टीचर कर सकता है। पीएम मोदी ने कुशल वक्ता बनने के सुझाव भी मांगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टीचर्स से अपनी पब्लिक स्पीकिंग स्किल्स को बेहतर बनाने के लिए सुझाव मांगा। पीएम मोदी ने पूछा कि अगर मैं आपके यहां विद्यार्थी होता और एक कुशल वक्ता बनना चाहता, तो आप मुझे क्या सुझाव देतीं? मुझे क्या करना चाहिए? इस पर एक शिक्षिका ने जवाब दिया, सबसे पहले, आपमें आत्मविश्वास होना चाहिए। टीचर के इतना कहते ही पीएम समेत सभी लोग जोर से हंसने लगे। फिर पीएम ने पूछा, आत्मविश्वास कैसे आएगा। इस पर उस शिक्षिका ने कहा कि आत्मविश्वास बहुत ज़्यादा अभ्यास से आता है। फिर शिक्षिका ने कहा कि आपके व्यक्तित्व से मैं खुद भी थोड़ी घबरा गई थी।

मोदी बोले, हो सकता है कोई बच्चा पढ़ने में ठीक न हो, लेकिन भगवान ने सबको कोई न कोई ताकत दी है, तो ऐसे बच्चे का टैलेंट पहचानने की कोशिश आप करते हैं? इस पर शिक्षिका ने जवाब दिया कि वही हमारी कोशिश रहती है। एक शिक्षक के नाते मैं बच्चों के टैलेंट को आइडेंटिफाई करती हूं और मैंने किया है। स्क्रीन टाइम का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा यह एक प्रकार का एडिक्शन है। मेरे मन में एक विचार आता है या तो बच्चा खेल कूद में बहुत रुचि लेने लगे, खेल कूद से मतलब वीडियो गेम नहीं, मैदान में जाकर आउटडोर गेम्स तो बच्चे मोबाइल आदि की लत से बाहर आ सकते हैं। मोदी ने ब्रेस्ट कैंसर अवेयरनेस को लेकर भी बात की।

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