नेपाल की भयावह बाढ़ में मृतकों की संख्या बढ़कर 1300 के पार, 618 विदेशियों समेत 4800 से ज्यादा लापता
काठमांडू। नेपाल में 26 अगस्त 2026 को आई भयावह बाढ़ में मृतकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। नेपाल पुलिस के मुताबिक बाढ़ में मरने वाले 1344 लोगों के शव अब तक मिल चुके हैं। जबकि, लापता लोगों की संख्या भी 4898 है। नेपाल पुलिस के मुताबिक बाढ़ में जान गंवाने वालों के जो शव मिले उनमें 489 पुरुष, 269 महिलाएं और 85 बालक और बालिकाओं के हैं। 501 शवों के हिस्से भी मिले हैं। इनकी पहचान नहीं हो सकी है।
नेपाल पुलिस ने बताया है कि लापता लोगों में 4250 नागरिक और 618 विदेशी हैं। नेपाल की प्रलयंकारी बाढ़ में मरने वालों में से 1030 के शवों का डीएनए लेकर उनको दफनाया गया है। कोई अगर अपने परिजन के शव होने का दावा करेगा, तो उसके डीएनए सैंपल से मैच कराकर शव को गड्ढे से निकालकर सौंपा जाएगा। ताकि परिजन उसका अंतिम संस्कार कर सकें। पुलिस के मुताबिक नेपाल के बाढ़ प्रभावित इलाकों से 8631 लोगों को बचाया गया है। इनमें 1244 विदेशी हैं। वहीं, 3655 बाढ़ प्रभावितों को नेपाल में अलग-अलग जगह सुरक्षित रखा गया है।
तिब्बत सीमा के पास लैंगटांग लिरुंग इलाके में ग्लेशियर का बड़ा हिस्सा गिरने की वजह से नेपाल की भोटेकोशी और त्रिशूली नदी में विनाशकारी बाढ़ आई थी। बाढ़ से नेपाल के रसुवा, धादिंग, गोरखा, नुवाकोट, नवलपरासी और चितवन जिलों में बड़ी तबाही मची थी। बाढ़ कितनी खतरनाक थी ये इसी से पता चलता है कि दर्जनों शव भारतीय सीमा में बहकर पहुंचे थे। बाढ़ की जद में आने वाले तमाम पुल, बांध और सड़कें बह गई हैं। भारत ने नेपाल में बाढ़ प्रभावितों के लिए लगातार राहत सामग्री भेजना जारी रखा है। भारत के बचाव और सेना के डॉक्टरों का दल भी नेपाल में है। नेपाल की बाढ़ के बाद भारत में भी तमाम ग्लेशियर वाली झीलों से आपदा की आशंका जताई जा रही है। इन सभी ग्लेशियर वाली झीलों पर नजर रखी जा रही है।
