राहुल गांधी को बॉम्बे हाईकोर्ट से झटका, पीएम मोदी के खिलाफ अपमानजक टिप्पणी से जुड़े आपराधिक मानहानि मामले को रद्द करने की मांग वाली याचिका खारिज
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ की गई अपमानजनक टिप्पणी से जुड़े आपराधिक मानहानि मामले में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को बॉम्बे हाईकोर्ट से झटका लगा है। अदालत ने राहुल गांधी की याचिका को खारिज कर दिया है। कांग्रेस सांसद ने अपने खिलाफ दर्ज आपराधिक मानहानि की शिकायत और निचली अदालत के द्वारा जारी समन को रद्द करने की मांग की थी। बीजेपी कार्यकर्ता महेश श्रीश्रीमाल ने मुंबई मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत में राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराते हुए आपराधिक मानहानि का यह केस किया था। बॉम्बे हाईकोर्ट से राहत न मिलने पर अब राहुल गांधी को निचली अदालत में मानहानि की प्रक्रिया का सामना करना पड़ेगा।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि राहुल गांधी ने सितंबर 2018 में राजस्थान में एक रैली में भाषण देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए ‘चोरों के सरदार’ और ‘कमांडर-इन-थीफ’ जैसे शब्द इस्तेमाल किए थे। इस मामले में निचली अदालत से समन जारी होने के बाद राहुल गांधी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। लाइव लॉ की खबर के मुताबिक नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की ओर से उनके वकील सुदीप पसबोला ने कोर्ट में तर्क दिया था कि बीजेपी कार्यकर्ता की ओर से दायर शिकायत सुनवाई के लायक नहीं है। उनका कहना था कि राहुल गांधी ने किसी पार्टी या किसी व्यक्ति का नाम नहीं लिया था, ऐसे में कोई भी व्यक्ति या समूह स्पष्ट रूप से पीड़ित नहीं है जिसके पास मुकदमा चलाने का अधिकार हो।
अधिवक्ता पसबोला ने कहा कि केवल यह अर्थ निकालना कि बयान किसी विशेष पार्टी कार्यकर्ताओं पर लागू होता है, आपराधिक मानहानि का मामला नहीं बना सकता। हालांकि हाईकोर्ट के जज जस्टिस नितिन बोरकर की सिंगल बेंच ने राहुल गांधी के वकील की दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि एक रजिस्टर्ड राष्ट्रीय राजनीतिक पार्टी होने के नाते बीजेपी निश्चित रूप से एक पहचानी जा सकने वाली संस्था है। इससे पहले अदालत ने इस मामले में अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था।
