भारत के दवा निर्माताओं के लिए अच्छी खबर, इन दवाइयों पर अमेरिका में लगेगा शून्य टैरिफ
वॉशिंगटन। अमेरिका से भारत के दवा निर्माताओं के लिए अच्छी खबर है। डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने भारत में बनी कुछ खास दवाइयों और दवा बनाने में इस्तेमाल होने वाले एपीआई पर शून्य टैरिफ लगेगा। ट्रंप प्रशासन ने कुछ देशों की इस संबंध में लिस्ट बनाई है। जिसमें भारत भी शामिल है। अमेरिका जिन देशों से दवाइयां लेता है, उनमें भारत प्रमुख है। भारत से ज्यादातर जेनेरिक दवाइयां अमेरिका भेजी जाती हैं। जो वहां लोगों को ब्रांडेड के मुकाबले बहुत कम दर पर मिलती हैं।
अमेरिका से भारत की चुनिंदा दवाइयों पर शून्य टैरिफ इसलिए अहम है, क्योंकि अमेरिका का वाणिज्य विभाग 29 सितंबर से कुछ पेटेंट दवाइयों और इनको बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाली चीजों पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने जा रहा है। भारत के अलावा बांग्लादेश, कंबोडिया, इक्वाडोर, अर्जेंटीना, अल सल्वाडोर, ग्वाटेमाला, इंडोनेशिया, यूरोपीय यूनियन, जॉर्डन, जापान, मलेशिया, उत्तरी मैसेडोनिया, दक्षिण कोरिया, स्विटजरलैंड, ताइवान, ब्रिटेन, थाईलैंड और वियतनाम से अमेरिका आने वाली कुछ दवाइयों पर भी शून्य टैरिफ लगेगा।
वाणिज्य विभाग ने कहा है कि इन सभी देशों से तय शर्तों वाले फार्मा उत्पादों पर शून्य टैरिफ लगाया जा सकता है। इसकी वजह ये है कि अमेरिका और इन देशों के बीच व्यापार और सुरक्षा से संबंधित समझौते हैं। वाणिज्य विभाग ने कहा है कि जेनेरिक दवा और इनको बनाने वाली सामग्री पर फार्मा टैरिफ लागू नहीं होगा। जिन दवाइयों पर 100 फीसदी टैरिफ लगाया गया है, वो 31 जुलाई 2026 से ही लागू माना जाएगा। दुर्लभ बीमारियों के लिए दवाइयों, न्यूक्लियर मेडिसिन, प्लाज्मा आधारित थेरेपी, सेल थेरेपी, जीन थेरेपी, एंटीबॉडी ड्रग्स और फर्टिलिटी से संबंधित दवाइयों को टैरिफ से पूरी तरह छूट मिलेगी। इस लिस्ट में जानवरों की कुछ दवाइयां भी हैं। बता दें कि ट्रंप ने पहले कहा था कि वो पेटेंट दवाइयों पर 200 फीसदी तक टैरिफ लगाने जा रहे हैं। ये टैरिफ अगले साल से चरणबद्ध तरीके से लागू होगा। इस टैरिफ से उन्हीं दवा कंपनियों को छूट मिलेगी, जो अमेरिका में इनको तैयार करने का प्लांट लगाएंगे।
