‘मैंने आठ युद्ध रुकवाए…नोबेल शांति पुरस्कार के लिए मुझसे ज्यादा कोई हकदार नहीं’, ट्रंप ने ये कहकर कमेटी पर लगाया आरोप
वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर कहा है कि उनको नोबेल शांति पुरस्कार मिलना चाहिए। ट्रंप ने व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में मीडिया से बात करते हुए कहा कि आठ युद्ध रुकवाए हैं। हालांकि, इस बार ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के सैन्य संघर्ष का नाम नहीं लिया। ट्रंप ने इस साल दिए जाने वाले नोबेल शांति पुरस्कार के बारे में पूछने पर कहा कि उनको नहीं पता कि नॉर्वेजियन नोबेल कमेटी क्या फैसला लेगी। ट्रंप ने कमेटी पर आरोप लगाया कि उनकी छवि ऐसी है कि वे शायद मुझ जैसे लोगों को नोबेल शांति पुरस्कार नहीं देते।
ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि अब वक्त आ गया है, लेकिन पिछली बार नोबेल शांति पुरस्कार पाने वाले व्यक्ति ने मुझे अप्रत्यक्ष तौर पर इसे दिया था। उस वक्त बहुत सम्मान महसूस हुआ था। उन्होंने कहा कि इतिहास में राष्ट्रपति ट्रंप से ज्यादा कोई भी नोबेल शांति पुरस्कार का हकदार नहीं। वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो को पिछले साल नोबेल शांति पुरस्कार दिया गया था। मचाडो ने अपना नोबेल पुरस्कार मेडल ट्रंप को दे दिया था। मचाडो ने कहा था कि उन्होंने ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार का मेडल इस वजह से दिया, ताकि वो वेनेजुएला के तत्कालीन राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को सत्ता से उखाड़ फेंकने में मदद दें।
दूसरी बार अमेरिका का राष्ट्रपति बनने के बाद से ही ट्रंप लगातार नोबेल शांति पुरस्कार दिए जाने की मांग करते रहे हैं। ट्रंप का कहना है कि वो नोबेल शांति पुरस्कार के हकदार हैं। क्योंकि दुनिया में कई सैन्य संघर्षों और आसन्न युद्ध को उन्होंने रुकवाया है। ट्रंप ने जब पहली बार नोबेल शांति पुरस्कार दिए जाने की मांग की थी, उस वक्त इजरायल, पाकिस्तान और कंबोडिया की सरकारों ने इसके लिए उनको नॉमिनेट किया था, लेकिन ट्रंप के नाम पर नॉर्वेजियन नोबेल कमेटी ने विचार तक नहीं किया। ट्रंप भले ही दावा करते हैं कि उन्होंने आठ युद्ध रुकवाए हैं, लेकिन हकीकत ये है कि रूस और यूक्रेन का युद्ध अब तक जारी है। वहीं, ट्रंप ने ईरान पर भी हमला किया। ऐसे में ट्रंप को दुनिया के ज्यादातर लोग शांति का मसीहा नहीं मानते।
