असम के सिलचर नगर निगम चुनाव में बैलेट पेपर से हुई वोटिंग में भी कांग्रेस की दुर्गति, सीएम हिमंत बोले- अल्पसंख्यक इलाके में भी वोट नहीं मिला
गुवाहाटी। कांग्रेस लगातार ये आरोप लगाती है कि ईवीएम से चुनाव में गड़बड़ी होती है और इस गड़बड़ी के जरिए बीजेपी जीतती है। कांग्रेस ये मांग कर रही है कि ईवीएम की जगह एक बार फिर बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाएं, लेकिन असम के सिलचर नगर निगम के लिए बैलेट पेपर से हुए चुनाव में ही कांग्रेस की दुर्गति हुई और बीजेपी को शानदार सफलता मिली। नतीजे आने के असम के सीएम हिमंत बिस्व सरमा ने कांग्रेस पर तंज कसा है। असम के सीएम ने कहा कि ईवीएम की बात छोड़िए, कांग्रेस तो बैलेट पेपर से भी चुनाव नहीं जीत सकती।
हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि आप ही देखिए, बैलेट पेपर पर भी कांग्रेस हार गई। असम के सीएम ने कहा कि कांग्रेस बैलेट पेपर से थोड़ा ज्यादा ही हार गई। ईवीएम में लोग नोटा का बटन भी दबा देते हैं। मशीन देखकर कुछ लोग घबरा जाते हैं, तो कभी गलत जगह पर वोट दे देते हैं, लेकिन बैलेट पेपर में तो वोट देने के बारे में लोग जानते ही हैं। हिमंत ने कहा कि जब तक बैलेट पेपर से वोट होता है, तब कांग्रेस और ज्यादा हारती है। उन्होंने कांग्रेस पर और तंज कसते हुए कहा कि सिलचर इलाके में 10 सीटें अल्पसंख्यकों की ही थीं। जहां कांग्रेस अल्पसंख्यक वोट से जीत सकती थी, लेकिन वहां भी कांग्रेस को वोट नहीं मिला। कांग्रेस को बस 2 सीट मिलीं। जबकि, निर्दलीय ने 5 सीट हासिल की।
हिमंत ने कहा कि पहला हुआ बीजेपी और एजेपी गठबंधन, दूसरे हुए निर्दलीय और तीसरे पर कांग्रेस और बैलेट पेपर। उन्होंने कहा कि आज के लिए हम लोगों ने नारा दिया है कि आप मशीन पर भी और बैलेट पेपर पर भी हारने वाले हैं। सिलचर नगर निगम के लिए पहली बार 42 वार्ड पार्षद की वोटिंग हुई। इनमें से बीजेपी ने 32 वार्ड में जीत हासिल की। जबकि, निर्दलीय को 6 और कांग्रेस को सिर्फ 2 वार्ड में जीत मिली। यहां तक कि वार्ड 9 और वार्ड 20 में बीजेपी के बिजेंद्र प्रसाद सिंह और भक्ति सेन तालुकदार तो निर्विरोध चुन लिए गए।
