April 22, 2026

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S-400: रूस-यूक्रेन युद्ध के बावजूद भारत को मिली S-400 की दूसरी खेप, मोदी सरकार की कूटनीति का कमाल

नई दिल्ली। यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध जारी है और इसी बीच रूस ने भारत की सैन्य शक्ति को बढ़ाने का काम किया है। रूस ने भारत को एस-400 ट्रायंफ वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली के प्रशिक्षण स्क्वाड्रन के लिए मास्को से सिम्युलेटर और अन्य उपकरण भेजे हैं। बता दें कि ये एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम की दूसरी खेप भेजी है। इस दूसरी खेप में सिम्युलेटर और अन्य प्रशिक्षण संबंधी उपकरण हैं जिन्हें भारत भेजा गया है। हालांकि इसी बीच एक चिंता भी बनी हुई है कि भविष्य में ऐसे ही खेप आती रहेगी या नहीं। ये बड़ी चिंता का विषय है।

पहली खेप दिसंबर 2021 में ही आ गई थी

दरअसल भारत ने रूस से एस-400 ट्रायंफ वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली की दूसरी खेप हासिल कर ली है। इस खेप की आपूर्ति में अभी तक कोई रुकावट नहीं आई है लेकिन आगे आ सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आपूर्ति करने वाली कंपनियों  के बैंकों पर कुछ प्रतिबंध लगे हुए हैं जिसकी वजह से भारत को भुगतान करने में दिक्कत हो रही है। अगर आगे भी ये दिक्कत बनी रही तो तीसरी खेप भेजने में परेशानी हो सकती है। इसके अलावा अभी तक अमेरिका ने भी रूस से हथियार लेने के बाद भारत के प्रति  अपना रुख अभी तक साफ नहीं किया है। हालांकि विदेश मंत्री एस जयशंकर अमेरिका के दौरे पर हैं। जहां उन्होंने साफ कर दिया था कि भारत और रूस के रिश्ते हमेशा आर्थिक और कूटनीतिक तौर पर अच्छ रहेंगे।

रूस से हथियार लेने के मामले में बड़ा उपभोक्ता  है भारत

बता दें कि भारत रूस से हथियार और मिसाइल लेने वाला बड़ा उपभोक्ता है। भारत रूस से अभी तक लड़ाकू पनडुब्बी, युद्ध वाहन, लड़ाकू विमान, हेलीकॉप्टर युद्धपोत टैंक लिए हैं। वहीं दूसरी तरफ यूक्रेन इस वक्त हथियारों की किल्लत से जूझ रहा है लेकिन फिर भी रूस से बराबर की टक्कर ले रहा है। पश्चिमी मीडिया रिपोर्ट की मानें तो रूस में भी हथियारों और गोला बारूदों की किल्लत हो रही है लेकिन रूसी दूतावास ने ऐसी खबरों को सिरे से खंडन किया है। आम तौर किसी भी देश के पास 1 महीने का स्टॉक होता है युद्ध लड़ने के लिए। लेकिन ये युद्ध बीते 50 दिन से चल रहा है।

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